...

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नः रोजगार तथा प्रशिक्षण महाननदेिालय

by user

on
Category: Documents
5

views

Report

Comments

Transcript

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नः रोजगार तथा प्रशिक्षण महाननदेिालय
Home >> FAQ >> DGET FAQ
अक्सर पछ
ू े जाने वाले प्रश्नः
रोजगार तथा प्रशिक्षण महाननदे िालय
श्रम तथा रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार
प्रश्नः 1. एसडीआई मैं योजना के क्या उद्दे श्य हैं?
उत्तरः
I.
इस योजना के उददे श्य ननम्न हैं:
स्कूल छोड़ने वालों, वर्तमान श्रममकों, आईटीआई धारकों इत्यादद को व्यावसानयक
प्रमिक्षण प्रदान करना र्ाकक सरकार, ननजी संस्थानों र्था उदयोग में उपलब्ध
अवसंरचनाओं का आदित उपयोग करर्े हुए उनकी रोजगारपरकर्ा को उन्नर् बनाया
जा सके। इस योजना के अंर्गतर् व्यक्तर्यों के मौजद
ू ा कौिल भी जांचे और प्रमाणणर्
ककए जाएंगे।
II.
दे ि में सक्षमर्ा मानकों, कोसत पाठयक्रम, मिक्षण सामग्री र्था मूलयांकन मानकों के
ववकास के क्षेत्र में क्षमर्ा सज
ृ न करना।
प्रश्नः 2. कोसस तथा पाठयक्रम कौन तैयार तथा ननर्ासररत करता है ?
उत्तरः
उदयोग जगर्, प्रमिक्षण प्रदार्ाओं, र्था व्यापाररक वविेषज्ञों से बनी एक ट्रे ड सममनर्,
रोजगारपरकर्ा के कौिल चचक्न्हर् करर्ी है र्था एमईएस कोसत पाठयक्रम ववकमसर्
करर्ी है । पाठयक्रम ववकास प्रकक्रया ननम्न है ैः

उदयोग जगर् से परामित करके, श्रम बाज़ार में नौकररयों के ववश्लेषण (कायत ववभाजन)
के आधार पर ककसी सेतटर में रोजगारपरकर्ा कौिल सेटों को चचक्न्हर् ककया जार्ा है

चचक्न्हर् कौिल सेटों के अनुसार उपयुतर् प्रमिक्षण मॉडयूलों का ववकास

ऊर्धवत र्था क्षैनर्क्जक गनर्िीलर्ा इंचगर् करर्े हुए कोसत मैदट्रतस में मॉडयूल व्यवक्स्थर्
करना

ववस्र्र्
ृ पाठयक्रम का ववकास

उदयोग जगर् के प्रनर्ननचधयों, प्रमिक्षण प्रदार्ाओं र्था व्यापाररक वविेषज्ञों से बनी एक
व्यापाररक सममनर् दवारा अनुमोदन

ननयोतर्ाओं/कमतचारी संगठनों, राज्य सरकारों इत्यादद से दटप्पणणयां आमंत्रत्रर् करना

एनसीवीटी दवारा अनुमोदन
प्रश्नः 3. उद्योग की क्या भूशमका है ?
उत्तरः
उदयोग की भूममका, योजना के डडजाइन व कक्रयान्वयन के प्रत्येक चरण में पररकक्लपर्
की गई है । औदयोचगक ननकायों का प्रनर्ननचधत्य केंद्रीय िीषत सममनर् र्था राज्य
सममनर्यों में है क्जन पर योजना के कक्रयान्वयन का समग्र दानयत्व होगा।
अन्य भमू मकाएं ननम्न हैं:

सक्ष्
ू म स्र्र पर रोजगार के उभरर्े क्षेत्रों का पव
ू ातनुमान करना

ववववध ववषयों के कोसत पाठयक्रम का ववकास

प्रमिक्षण हे र्ु अनद
ु े िात्मक सामग्री का ववकास

प्रमिक्षकों के प्रमिक्षण में सहायर्ा, जहां आवश्यक हो

उनकी प्रमिक्षण र्था परीक्षण सुववधाओं का उपयोग करना, जहां आवश्यक हो

उनके प्रनर्ष्ठानों में नौकरी में प्रमिक्षण प्रदान करना

मूलयांकन मानकों का ववकास

ननगरानी र्था गुणवत्र्ा सुननक्श्चर्र्ा

स्नार्कों के ननयोजन में सहायर्ा

सक्षमर्ाओं के मूलयांकनकर्ातओं के रूप में ट्रे ड वविेषज्ञों को कायत प्रदान करना

आईटीआई/अन्य प्रमिक्षण संस्थानों को उपकरणों का स्वैक्छछक दान

नए ट्रे डों में अनर्चथ संकाय उपलब्ध कराना
प्रश्नः 4. लक्षक्षत समूह कौन हैं?
उत्तरः
एमईएस ववमभन्न लक्षक्षर् समूहों को लाभाक्न्वर् करे गा जैसे कक:
o अपने अनौपचाररक रूप से अक्जतर् ककए गए कौिल में प्रमाणन के इछछुक श्रममक
o कौिल उन्नयन के इछछुक श्रममक र्था आईटीआई स्नार्क
o जलदी स्कूल छोड़ दे ने वाले, र्था बेरोजगार लोग
o बाल श्रममक रहे लोग र्था उनके पररवार
क्रम
लक्षक्षत समूह
प्रशिक्षण
परीक्षण, तथा
सक्षमताओं का
प्रमाणन
कौिल अजसन
कौिल
उन्नयन
1
श्रशमक


2
कम



शिक्षक्षत/स्कूल
छोड़ने वाले
3
युवा/बेरोजगार
आईटीआई


स्नातक
प्रश्नः 5. पररयोजना पररणाम क्या होंगे?
उत्तरः
पांच वषों की अवचध में 05 मममलयन लोगों को प्रमिक्षक्षर् ककया जाएगा या उनके
कौिलों का परीक्षण करके प्रमाणणर् ककया जाएगा।
प्रश्नः 6. प्रनतभागगयों के शलए आयु सीमा क्या है ?
उत्तरः
इस योजना में भाग लेने के मलए व्यक्तर्यों हे र्ु न्यूनर्म आयु सीमा 14 वषत है ककन्र्ु
कोई ऊपरी आयु सीमा ननधातररर् नहीं है
प्रश्नः 7. अनुदेिात्मक मीडडया पैकेज कौन ववकशसत करे गा?
उत्तरः
पूरे दे ि में प्रमिक्षण की गुणवत्र्ा एक समान बनाए रखने के मलए अनुदेिात्मक
मीडडया पैकेज (आईएमपी), राष्ट्रीय अनुदेिात्मक मीडडया संस्थान, (एनआईएमआई),
चेन्नई दवारा ववकमसर् ककए जाएंगे।
प्रश्नः 8. योजना के अंतगसत प्रशिक्षण कौन प्रदान कर सकता है ?
उत्तरः
एसडीआई योजना के अंर्गतर् प्रमिक्षण केंद सरकार, राज्य सरकारों, सावतजननक र्था
ननजी क्षेत्र, र्था औदयोचगक प्रनर्ष्ठानों के ववववध व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ाओं
(वीटीपी) दवारा ददए जा सकेंगे।
उत्तरः पात्र व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ा
ननम्न िर्ें पूरी करने वाले आवेदक, आवेदन करने के मलए पात्र हैं:
1.1. िैक्षणणक/प्रमिक्षण संस्थान:
कोई िैक्षणणक/प्रमिक्षण संस्थान जो ननम्न में से कोई मानदं ड परू ा करर्ा होैः

आवेदन करने से पव
ू त एनसीवीटी से सम्बद्ध रहे आईटीआई / आईटीसी आदद

केंद्र सरकार के मंत्रालयों के अधीन पररषदों जैसे कक अणखल भारर्ीय प्रौदयोचगकी मिक्षा
पररषद/भारर्ीय चचककत्सा पररषद/भारर्ीय पररचारक (नमसिंग) पररषद/राष्ट्रीय होटल प्रबंधन
र्था खानपान प्रौदयोचगकी पररषद/आवेदन प्रस्र्र्
ु करने की नर्चथ या इससे पव
ू त से
सम्बद्ध कोई अन्य

केंद्र
या
राज्य/केंद्रिामसर्
सरकार
दवारा
स्थावपर्
ववश्वववदयालय
से
सम्बद्ध
या
ववश्वववदयालय अनुदान आयोग से मान्यर्ाप्राप्र् कॉलेज/संस्थान

केंद्र या राज्य मार्धयममक मिक्षा बोडत (या समकक्ष) या प्रौदयोचगकी मिक्षा से मान्यर्ाप्राप्र्
स्कूल/संस्थान

दरू स्थ मिक्षा संस्थान (डीईआई) जो आवेदन प्रस्र्र्
ु करने की नर्चथ को या इससे पूवत से
भारर्ीय दरू स्थ मिक्षा पररषद (डीईसी) से मान्यर्ाप्राप्र् हों

अंर्रातष्ट्रीय हवाई पररवहन संघ (आईएटीए) र्था अंर्रातष्ट्रीय नागररक ववमानन संगठन
(आईसीएओ) से मान्यर्ाप्राप्र् संस्थान
1.2. सरकार द्वारा स्थावपत संगठन/संस्थान:

केंद्र सरकार/राज्य सरकारों/केंद्रिामसर् प्रिासनों दवारा स्थावपर् संगठन/संस्थान(स्वायत्र्
संगठन भी िाममल)
1.3. कंपननयां/फमें:
कंपनी/फमत जो ननम्न में से कोई मानदं ड पूरे करर्ी होैः

आवेदन प्रस्र्ुर् करने की नर्चथ से ववगर् एक वषत से मिमिक्षुर्ा अचधननयम, 1961 के
अंर्गतर् प्रमिक्षण प्रदान करने वाला कोई संगठन
1.4. प्रशिक्षण प्रदान करने में संलग्न कंपननयां/फमें/पंजीकृत सशमनतयां/न्यास
कंपननयां/फमें/पंजीकृर् सममनर्यां/न्यास, जो ननम्न में से कोई मानदं ड पूरे करर्ी हों:

ऐसी
पंजीकृर्
कंपनी/फमत/न्यास/सममनर्
जो
व्यावसानयक
मिक्षण/प्रमिक्षण/नौकरी-
उन्मुख/स्वरोजगार कायतक्रम संचामलर् करर्ी हों/चैम्बर ऑफ कॉमसत एंड इंडस्ट्री/औदयोचगक
या व्यापाररक संगठन, क्जनके पास स्थायी आयकर खार्ा संख्या या सेवा कर पंजीयन
संख्या हो

उचचर् स्थानीय प्राचधकारी से पंजीकृर् अस्पर्ाल/नमसिंग होम, क्जनमें पास पयातप्र् प्रमिक्षण
सवु वधाएं हों
प्रश्नः 9. वीटीपी हे तु गुणवत्ता सुननश्श्ितता के शलए क्या प्रणाली है ?
उत्तरः
प्रमिक्षण प्रदान ककए जाने र्था मल
ू यांकन कायों को बेहर्र गण
ु वत्र्ा सनु नक्श्चर् करने
के मलए पथ
ृ क रखा गया है । वीटीपी दवारा प्रदान ककए जाने वाले प्रमिक्षण के पररणामों
र्था ननष्कषों के आधार पर उनके ननष्पादन की सूक्ष्म ननगरानी की जाएगी
प्रश्नः 10. वीटीपी के शलए ननयम एवं ितें क्या हैं?
उत्र्रैः

वीटीपी केवल वही एमईएस कोसत संचामलर् कर सकर्े हैं क्जनके मलए ये आरडीएटी से
पंजीकृर् हैं

वीटीपी मानकों के अनुरूप प्रमिक्षण सुववधाएं उपलब्ध कराएंगे

वीटीपी प्रमिक्षण में गुणवत्र्ा लाने के मलए सुयोग्य र्था प्रमिक्षक्षर् अनुदेिी स्टॉफ को
ननयुतर् करें गे

वीटीपी, आईटीआई हे र्ु केंद्र सरकार/राज्य सरकारों की आरक्षण नीनर् का कक्रयान्वयन
करें गे जैसा भी लागू हो

वीटीपी अपने उन अभ्यथी (अभ्यचथतयों) के मलए, क्जन्होंने एनसीवीटी दवारा ननयुतर्
मूलयांकन एजेंमसयों दवारा आयोक्जर् परीक्षा उत्र्ीणत की हो, संबंचधर् क्षेत्रीय मिमिक्षुर्ा
प्रमिक्षण महाननदे िक से प्राप्र् प्रमिक्षण लागर् का समुचचर् लेखा रखें गे व प्रनर्पूनर्त करें गे

वीटीपी प्रमिक्षुओं को प्रमिक्षण पश्चार् रोजगार प्राप्र् करने में सहायर्ा करें गे, प्रमिक्षक्षर्
प्रमिक्षुओं के डेटाबेस र्था प्रमिक्षण पररणामों का ररकाडत रखेंगे।

वीटीपी, डीजीईएंडटी दवरा ववननददत ष्ट समय-साररणी के अनुसार ररपोटें र्था उपयोचगर्ा
प्रमाणपत्र प्रस्र्ुर् करें गे

वीटीपी,
सीटीएस
हे र्ु
उत्र्रदायी
आरडीएटी/डीजीईएंडटी/राज्य
सरकार
के
अचधकृर्
अचधकाररयों को एसडीआई योजना के र्हर् कोसों/मॉडयूलस हे र्ु अपने पररसर में उपलब्ध
प्रमिक्षण अवसंरचनाओं का ननरीक्षण करने की अनम
ु नर् दें गे।

वीटीपी अपने पररसर में उत्पन्न ककन्हीं वववादों के संदभत में आरडीएटी/डीजीईएंडटी/राज्य
सरकारों को पक्षकार नहीं बनाएंगे

वीटीपी कक्रयान्वयन ननदे मिका में ववननददत ष्ट ककए गए र्था डीजीईएंडटी दवारा समयसमय पर जारी ककए जाने वाले समस्र् ननदे िों का पालन करने हे र्ु बार्धय होंगे।

वीटीपी को प्रमिक्षुओं से प्रमिक्षण िल
ु क प्राप्र् करने र्था प्राप्र् ककए गए िल
ु कों र्था
डीजीईटी से प्राप्र् की गई धनरामियों को प्रमिक्षण प्रदान करने, प्रमिक्षण पश्चार् सहयोग
सेवाएं प्रदान करने इत्यादद के मलए उपयोग करने हे र्ु आवश्यक िक्तर्यां प्राप्र् होंगी
प्रश्नः 11. वीटीपी के पंजीयन की क्या प्रक्रक्रया है ?
उत्तरः
पंजीयन प्रकक्रया
संबंचधर् राज्य सरकार/केंद्रिामसर् प्रिासन दवारा एसडीआई योजना के अंर्गतर् एमईएस
कोसत संचामलर् करने के मलए वीटीपी के पंजीयन हे र्ु आवेदन आमंत्रत्रर् करने के मलए
ववज्ञापन जारी ककए जाएंगे। डीजीईएंडटी र्था आरडीएटी भी ववज्ञापन जारी कर सकर्े हैं।
आवेदन में अन्य चीजों के अनर्ररतर् ननम्न को स्पष्ट ककया जाना चादहएैः
i. वीटीपी के रूप में आवेदन करने के मलए पात्रर्ा के दस्र्ावेजी साक्ष्य
ii. संगठन के लक्ष्य र्था उददे श्य
iii. इसके केंद्रों पर उपलब्ध प्रमिक्षण अवसंरचना र्था सुववधाएं (उपकरण, जगह, त्रबजली,
अनुदेिी स्टॉफ इत्यादद) र्था प्रमिक्षण की पद्धनर्
iv. प्रमिक्षण आयोक्जर् करने के मलए संगठन की ववस्र्र्
ृ योजना, क्जसमें सेतटर/ट्रे ड
आनसाइट, संसाधनों (ववत्र्ीय, अनुदेिात्मक, प्रिासकीय र्था भौनर्क उपकरण,
कछचा माल, जगह आदद) का जुटाव, नौकरी आधाररर् प्रमिक्षण, छात्रों के ननयोजन
हे र्ु प्रमिक्षण पश्चार् सहायर्ा उपलब्ध कराना आदद िाममल हैं।
v. प्रमिक्षकों की ननयुक्तर्, उन्हें बनाए रखने र्था ववकास से संबंचधर् नीनर्यां र्था
प्रववचधयां
vi. प्रमिक्षुओं के चयन र्था व्यावसानयक मागतदितन एवं परामित हे र्ु नीनर्यां र्था
प्रववचधयां
vii. उतर् त्रबंद,ु आवेदन के मूलयांकन का आधार होंगे और आवेदक के समचु चर् मल
ू यांकन
र्था भावी प्रगनर् हे र्ु रूपरे खा का कायत करें गे।
वीटीपी के रूप में पंजीयन हे तु आवेदन ननम्न के द्वारा प्रस्तत
ु क्रकया जाना िाहहएः
I.
संस्थान/कंपनी/फमत का ननदे िक, या अचधकृर् व्यक्तर्। प्राचधकृर् हस्र्ाक्षरी हे र्ु
प्रनर्ननचधत्व िक्तर् सौंपी जाए।
II.
III.
केंद्र/राज्य सरकार के संगठनों के मामले में सरकार दवारा ननयुतर् अचधकारी
सममनर्/न्यास का अर्धयक्ष या सचचव
आवेदन, संबंचधर् राज्य ननदे िक के यहां वषतपयतन्र् कभी भी प्रस्र्ुर् ककए जा सकर्े
हैं। ककसी राज्य वविेष में एक से अचधक प्रमिक्षण केंद्रों वाले संगठन, उस राज्य
वविेष में समस्र् प्रमिक्षण केंद्रों के मलए एक संयुतर् आवेदन प्रस्र्र्
ु कर सकर्े हैं।
हालांकक, प्रत्येक केंद्र हे र्ु आवेदन पत्र, पथ
ृ क आवेदन िुलक के साथ भरा जाना होगा।
प्रश्नः 12. वीटीपी के पंजीयन हे तु आवेदन िुल्क क्रकतना है ?
उत्तरः
आवेदन िुलक:

आवेदन पत्र, संबंचधर् राज्य सममनर्/केंद्रिामसर् क्षेत्र सममनर्/आरडीएटी से प्राप्र् ककए जा
सकर्े हैं या डीजीईएंडटी की वेबसाइट: www.dget.gov.in/ एमईएस से डाउनलोड ककए
जा सकर्े हैं

आवेदक को << राज्य सरकार दवारा ननधातररर्>> के पक्ष में ककसी राष्ट्रीयकृर् बैंक पर
आहररर् रूपए दो हजार मात्र (रू. 2000.00) के मांगपत्र (डडमांड ड्रॉफ्ट) के रूप में
'अप्रनर्दे य' आवेदन िुलक अवश्य जमा करना होगा क्जसकी अनुपक्स्थनर् में आवेदनपत्र
पर मूलयांकन हे र्ु ववचार नहीं ककया जाएगा।

सरकारी संगठनों/संस्थानों को आवेदन िुलक जमा करने से छूट प्राप्र् है । एकत्रत्रर् ककए
जाने वाले आवेदन िुलक को योजना का प्रचार-प्रसार करने व कायातन्वयन के मलए
उपयोग ककया जाएगा। इस रामि को एसडीआई योजना के अनर्ररतर् ककसी अन्य कायत
हे र्ु उपयोग नहीं ककया जा सकर्ा है र्था ककसी अन्य खार्े में स्थानांर्ररर् नहीं ककया
जा सकर्ा है ।
प्रश्न:13- वीटीपी के आवेदन का मूल्यांकन क्रकस प्रकार होगा?
उत्तरः

राज्यसरकार/केंद्रिामसर् प्रिासन, आवेदनों के सत्यापन के मलए एक वीटीपी मूलयांकन
सममनर् बनाएंगे। इसमें आरडीएटी का प्रनर्ननचधत्व नहीं होगा। सरकारी प्रनर्ननचध(यों) के
अनर्ररतर् सममनर् में औदयोचगक संघ का एक प्रनर्ननचध वरीय रूप में होना चादहए।
राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन, वीटीपी दवारा प्रस्र्र्
ु आवेदन का परीक्षण 30 ददनों के अंदर
अवश्य करें गे।

राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन को यह अवश्य सनु नक्श्चर् करना होगा कक वीटीपी का परीक्षण,
वीटीपी दवारा आवेदन ककए जाने के उपरांर् 30 ददनों के अंदर अवश्य कर मलया जाए।
यदद राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन 30 ददनों के अंदर परीक्षण करने में ववफल रहर्ा है , र्ो
संबंचधर् आरडीएटी उस वीटीपी का परीक्षण 15 ददनों के अंदर करने के मलए एक सममनर्
गदठर् करे गा र्था सममनर् दवारा मलए गए ननणतय को अचग्रम आवश्यक कायतवाही हे र्ु
राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन को अग्रसाररर् करे गा। आरडीएटी दवारा गदठर् सममनर् में उस
आरडीएटी का एक प्रनर्ननचध, संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन का एक प्रनर्ननचध,
उदयोग जगर् से एक ट्रे ड वविेषज्ञ िाममल होगा। पंजीयन संख्या, राज्य/केंद्रिामसर्
प्रिासन दवारा प्रदान की जाएगी।

वीटीपी परीक्षण सममनर् की अनुिंसाओं पर सम्यक ववचार करने के उपरांर्, आवेदनों
र्था संबंचधर् दस्र्ावेजों का समुचचर् परीक्षण राज्य वीईसी दवारा ककया जाएगा। वीटीपी
परीक्षण सममनर्, प्रमिक्षण अवसंरचना र्था सुववधाओं (जगह, त्रबजली, प्राववधान, र्था
औजारों/साधनों एवं उपकरणों) आदद का ननरीक्षण करे गी। यदद कोई कमी पाई जार्ी है र्ो
इससे आवेदक को अवगर् कराया जाएगा। मूलयांकन के प्रयोजन से आवेदक को ऐसी
समस्र् अपेक्षक्षर् जानकारी/दस्र्ावेज/साक्ष्य प्रस्र्ुर् करने होंगे।

राज्य सरकार, आवेदक र्था आरडीएटी को आवेदन की मंजूरी/अस्वीकृनर् के बारे में
वीईसी के ननणतय से अवगर् कराएगी। राज्य सरकार वीटीपी को पंजीकृर् करे गी र्था
पंजीयन पत्र ननगतर् करर्े हुए इसकी प्रनर्मलवप आरडीएटी को अग्रेवषर् करे गी। आरडीएटी
से पत्रव्यवहार इंटरनेट के मार्धयम से इलेतट्रॉननक प्रारूप में ककया जाना वरीय होगा।

आवेदक, राज्य वीईसी की अपेक्षानुसार सूचनाओं/दस्र्ावेजों की समस्र् लागर्ें वहन
करे गा।

ऐसे आवेदकों के मामलों में क्जन्होंने उपरोतर् धारा 2.5.4.2 के अनुसार संयुतर् आवेदन
प्रस्र्ुर् ककया हो, सभी केंद्रों की मंजूरी के संबंध में एक साथ चचात की जा सकर्ी हैं।

आवेदक, क्जनके आवेदन राज्य वीईसी दवारा समचु चर् मूलयांकनोपरांर् अस्वीकृर् कर ददए
गए हों।
प्रश्नः: 14- पंजीयन पत्र कौन ननगसत करे गा?
उत्तरः

आवेदन के मूलयांकन के आधार पर, संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन दवारा पंजीयन
पत्र ननगतर् ककया जाएगा क्जसकी प्रनर् संबंचधर् आरडीएटी को प्रेवषर् की जाएगी।
राज्य/केंद्रिामसर् प्रिासन दवारा प्रत्येक वीटीपी को पंजीयन संख्या के रूप में 7 अंकों का
कोड ननगतर् ककया जाएगा।

चयननर् वीटीपी को, एक राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र में एकल िाखा वाला संगठन/संस्थान होने
की क्स्थनर् में रू. पचास हजार मात्र (रू. 50,000) र्था एकाचधक िाखाओं वाला
संगठन/संस्थान होने की क्स्थनर् में रूपए दो लाख मात्र (रू. 2,00,000) की बैंक गारं टी के
रूप में ननष्पादन गारं टी संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र में व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ा के
रूप में पंजीकरण के समस्र् ननयमों एवं िर्ों की स्वीकृनर् से उत्पन्न समस्र् दानयत्वों
के ननष्पादन हे र्ु एकमुश्र् भुगर्ान के रूप में प्रस्र्ुर् करनी होगी, क्जसमें ववफल रहने
पर
पंजीयन
पत्र
ननगतर्
नहीं
ककया
जाएगा।
बैंक
गारं टी
का
प्रारूप,
संबंचधर्
राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र दवारा चयननर् वीटीपी को उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक गारं टी,
पंजीयन अवचध के मलए मान्य होगी। वीटीपी दवारा अपने कायत में अवहे लना करने व
ननष्ठा का अभाव होने के बारे में समुचचर् ववश्वास हो जाने पर राज्य/कंेेेंद्रिामसर् प्रदे ि
को बैंक गारं टी नकदीकृर् कराने का पूणत अचधकार प्राप्र् होगा।

सरकारी संगठनों/संस्थानों को आवेदन िुलक र्था बैंक गारं टी जमा करने से छूट प्राप्र्
रहे गी।

सरकार के अधीन स्वायत्र् ननकायों र्था एनसीवीटी
से सम्बद्ध ननजी आईटीसी को बैंक
गारं टी जमा करने से छूट प्राप्र् रहे गी।
प्रश्नः 15 पंजीयन को ननलश्म्बत करने/ननरस्त करने की क्या प्रक्रक्रया है ?
उत्तरः

डीजीईएंडटी, आरडीएटी, संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् सरकार या उनके दवारा अचधकृर् कोई
एजेंसी, संस्थान की क्स्थनर् का सत्यापन करने के मलए र्था मानदं डों एवं मानकों का
पालन ककया जाना सुननक्श्चर् करने के मलए वषत में ककसी भी समय अननयर् रूप से
भ्रमण कर सकर्ी है

अनुचचर् प्रनर्ननचधत्व, मानकों एवं मानदं डों का उललंघन, अनुचचर् व्यवहार इत्यादद संबंधी
ववमिष्ट मिकायर्ें प्राप्र् होने पर र्थ्यों को सत्यावपर् करने के मलए भी डीजीईएंडटी,
आरडीएटी, संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् सरकार या उनके दवारा अचधकृर् कोई एजेंसी,
समय-समय पर ननरीक्षण नर्चथयों के बारे में सूचचर् करके या त्रबना सूचना ददए ननरीक्षण
कर सकर्ी है । ननरीक्षण ककए जाने पर यदद ऐसी मिकायर्ें सही पाई गईं र्ो वीटीपी का
पंजीयन ननरस्र्/ननलंत्रबर् करने का ननणतय मलया जा सकर्ा है र्था/या उसके दवारा जमा
की गई बैंक गारं टी जब्र् की जा सकर्ी है ।

ककसी वविेष मामले पर ननभतरर्ा अनस
ु ार, वीटीपी को राज्य वीईसी या आरडीएटी दवारा
ववननददत ष्ट समय-सीमा में सवु वधाएं सक्ृ जर् करने/कममयां दरू करने/ननधातररर् िर्ों की
अनप
ु ालना करने/ननददत ष्ट अपेक्षाएं परू ी करने के मलए अनम
ु नर् दी जा सकर्ी है ।

यदद बाद के ककसी चरण में यह पाया गया कक आवेदक दवारा प्रस्र्ुर् ककन्हीं दस्र्ावेजों
में कोई जालसाजी की गई है , र्ो वीटीपी का पंजीयन ननरस्र् कर ददया जाएगा र्था
वीटीपी को काली सूची में डाल ददया जाएगा, बैंक गारं टी जब्र् कर ली जाएगी र्था
भववष्य में उसे एसडीआई योजना के अंर्गतर् वीटीपी के रूप में पंजीयन कराने की
अनुमनर् नहीं दी जाएगी।

ककसी वीटीपी के पंजीयन को ननरस्र् करने के प्रस्र्ाव पर राज्य वीईसी दवारा ववचार
ककया जाएगा र्था इसकी अनुिंसाओं के आधार पर राज्य सरकार / आरडीएटी दवारा
ननरस्र्ीकरण आदे ि ननगतर् ककया जाएगा।

वीटीपी को 15 ददवस का समय दे र्े हुए यह स्पष्ट करने के मलए कारण बर्ाओ नोदटस
जारी ककया जा सकर्ा है कक उसका पंजीयन << कारण का उललेख करें >> के कारण
तयों न ननरस्र् कर ददया जाए।
प्रश्नः 16- वीटीपी के शलए कोई अन्य ितें हैं?
उत्तरः

चयननर्
वीटीपी मलणखर् में यह क्जम्मेदारी स्वीकार करे गा कक वह एसडीआई योजना के
अंर्गतर् एमईएस कोसत संचामलर् करने के मलए आवश्यक प्रमिक्षण अवसंरचना उपलब्ध
कराएगा, यदद बाद में ककसी चरण में यह पाया जार्ा है कक वीटीपी दवारा आवश्यक
प्रमिक्षण अवसंरचना के त्रबना कोसत संचामलर् ककया जा रहा है र्ो इसका पंजीयन
ननरस्र्/ननलंत्रबर् ककया जा सकर्ा है र्था बैंक गारं टी जब्र् की जा सकर्ी है ।

एसडीआई के प्रभावी कक्रयान्वयन के मलए डीजीईएंडटी दवारा वेब-आधाररर् सॉफ्टवेयर
ववकमसर् ककया जा रहा है । इस संबंध में वीटीपी को डीजीईएंडटी दवारा समय-समय पर
ननगतर् ननदे िों का पूणत अनुपालन करना होगा र्था इस प्रणाली के उपयोग हे र्ु वह
आवश्यक आईटी (आईटी) अवसंरचना र्था कमतचाररयों की व्यवस्था कराएगा।

वीटीपी केवल वही एमईएस कोसत संचामलर् करने के मलए पात्र होगा क्जसके मलए उसका
पंजीयन ककया गया हो

वीटीपी दवारा संबंचधर् राज्य सरकार के समक्ष प्रत्येक छह महीने पर कोसों की समयसाररणी प्रस्र्र्
ु की जाएगी जो वह संचामलर् करना/बंद करना चाहर्ा हो। वीटीपी राज्य
सरकार से मलणखर् अनम
ु नर् प्राप्र् ककए त्रबना ककसी कोसत (कोसों) को बंद नहीं कर सकर्ा
है ।

वीटीपी केवल उसी क्जले में पररसर से बाहर (ऑफ-कैम्पस) कोसत संचामलर् कर सकर्ा है
क्जसमें प्रमिक्षण केंद्र को पंजीकृर् ककया गया है ।
प्रश्नः:17 अभ्यगथसयों के नामांकन/पंजीयन की क्या प्रक्रक्रया है ?
उत्तरः


मान्यर्ाप्राप्र् वीटीपी में प्रमिक्षुओं हे र्ु नामांकन/पंजीयन प्रकक्रया नीचे दी गई है ैः
राज्य सरकार/केंद्रिामसर् प्रिासन दवारा प्रमुख समाचार पत्रों में या अचधसंख्य लोगों र्क
पहुंच रखने वाले अन्य ककसी मार्धयम के दवारा प्रवेि सूचना प्रकामिर् कराई जाएगी।
नोदटस में ननम्न जानकारी होगीैः
 एसडीआई योजना की प्रमुख वविेषर्ाएं
 अनुमोददर् व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ाओं (वीटीपी)
के नाम र्था उनके
दवारा संचामलर् ककए जाने वाले कोसों के वववरण
 िुलक वववरण र्था अजा./अजजा. एवं मदहला अभ्यचथतयों हे र्ु िुलक में छूट
 संबंचधर् राज्य/केंद्रिामसर् प्रदे ि में सरकारी आईटीआई में प्रवेि हे र्ु लागू
आरक्षण नीनर्, उस राज्य में अनुमोददर् समस्र् वीटीपी पर लागू होगी।
 ऐसे व्यक्तर्यों हेर्ु ननददत ष्ट प्रमिक्षण िुलक की प्रनर्पूनर्त का वववरण, क्जन्होंने
मूलयांकनकर्ात ननकायों दवारा आयोक्जर् मूलयांकन परीक्षा उत्र्ीणत की हो

उत्पादन क्षेत्र हे र्ु बैच आकार 20 र्था कृवष, सहायक एवं सेवा क्षेत्रों हे र्ु 30 है । लेककन
यदद कुछ वीटीपी बड़े बैच संचामलर् करना चाहें र्ो वे पूणत औचचत्य स्पष्टीकरण के साथ
सक्षम प्राचधकारी के समक्ष आवेदन कर सकर्े हैं। आवश्यक प्रमिक्षण अवसंरचना की
उपलब्धर्ा सुननक्श्चर् करने के मलए ननरीक्षण के पश्चार् अनुरोध पर ननणतय मलया
जाएगा।

व्यक्तर्यों को र्ब अनुमोददर् व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ाओं के यहां पंजीयन कराना
होगा। कोसत आरं भ हो जाने के पश्चार् वीटीपी ककसी प्रमिक्षु को प्रवेि नहीं दें गे। प्रमिक्षण
आरं भ ककए जाने के 7 ददवस पूवत वीटीपी दवारा अभ्यचथतयों के वववरण संबंचधर्
राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र र्था आरडीएटी को प्रेवषर् ककए जाएंगे (यह ननयम वेब आधाररर्
सॉफ्टवेयर चालू ककए जाने र्क लागू रहे गा)।

वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर का प्रचालन आरं भ हो जाने के पश्चार् वीटीपी दवारा प्रमिक्षुओं
के बारे में इस पर डेटा प्रववष्ट ककया जाएगा। चंकू क उतर् उललेणखर् समस्र् त्रबंदओ
ु ं को
ववज्ञापन में समावेमिर् ककया जाना संभव नहीं हो सकर्ा है , अर्ैः यह अनद
ु े मिर् ककया
जार्ा है कक वीटीपी अपने पररसरों में संबंचधर् सच
ू ना को प्रदमितर् करें गे र्था इछछुक
लोगों को इसकी जानकारी 'परामित केंद्रों' के मार्धयम से भी उपलब्ध कराएंगे। वीटीपी
अपने दवारा प्रस्र्ाववर् कोसों के मलए समय-समय पर उतर्ानुसार प्रवेि सूचना जारी कर
सकर्े हैं और कोसों, एमईएस ननचधयों से सुववधाओं के बारे में जागरूकर्ा प्रसार के मलए
पचों, वववरणणकाओं इत्यादद के रूप में प्रचार सामचग्रयां भी ववर्ररर् कर सकर्े हैं।

आयु र्था मिक्षा के न्यूनर्म पात्रर्ा मानकों के आधार पर अभ्यचथतयों का चयन ककया
जाएगा। यदद वीटीपी के यहां उपलब्ध सीटों की संख्या सीममर् है , र्ो पात्र अभ्यचथतयों को
श्रेष्ठर्ा के आधार पर प्रवेि ददया जाएगा। वीटीपी क्जस राज्य में क्स्थर् होगा, वहां लागू
आरक्षण नीनर् के अनुसार ही सीटों को भरा जाएगा।

एनसीवीटी दवारा स्वीकृर् एमईएस पाठयक्रम (31.03.10 के अनुसार)’, अभ्यचथतयों को
मिलपकार प्रमिक्षण योजना (सीटीएस) के अंर्गतर् राष्ट्रीय ट्रे डस प्रमाणपत्र (एनटीसी)
राष्ट्रीय मिमिक्षुर्ा प्रमाणपत्र (एनएसी) र्था अमभयांत्रत्रकी में डडप्लोमा/डडग्री उत्र्ीणत करने
वाले संबंचधर् स्र्र के -I एमईएस कोसत में न्यूनर्म िैक्षणणक योग्यर्ा से छूट दी जाएगी
र्था ऐसे अभ्यथी क्जन्हें न्यूनर्म िैक्षणणक योग्यर्ा के साथ संबंचधर् ट्रे ड में न्यूनर्म 3
वषों का अनुभव प्राप्र् हो, उन्हें उन्नर् स्र्र के -II एमईएस कोसत की परीक्षा में सीधे
सक्म्ममलर् होने की छूट होगी।
प्रश्न:18 संिोर्न की िश्क्त क्रकसे प्राप्त है ?
उत्तरः
संस्थानों के ककसी वगत या श्रेणी के संदभत में इन ननयमों के ककन्हीं प्राववधानों को
संिोचधर् करने की िक्तर् िीषत सममनर् को प्राप्र् है ।
प्रश्न:19 प्रशिक्षण िुल्क क्रकतना है ?
उत्तरः
ननम्न प्रमिक्षण िुलक ननधातररर् ककया गया है क्जसमें सामग्री की लागर्, मानदे य
इत्यादद सक्म्ममलर् हैं:
i.
ii.
iii.
iv.
90 घंटों र्क की अवचध वाले मॉडयूलस के मलए रू. 500 प्रनर् मॉडयूल
91 से 180 घंटों र्क की अवचध वाले मॉडयूलस के मलए रू. 1000 प्रनर् मॉडयूल
181 से 270 घंटों र्क की अवचध वाले मॉडयल
ू स के मलए रू. 1500 प्रनर् मॉडयल
ू
270 घंटों से अचधक की अवचध वाले मॉडयल
ू स के मलए रू. 2000 प्रनर् मॉडयल
ू
वंचचर् समह
ू ों से संबंचधर् अभ्यचथतयों, िारीररक ववकलांगों र्था मदहलाओं को प्रमिक्षण
िल
ु क र्था मूलयांकन िल
ु क में 25% की छूट प्रदान की जाएगी। प्रमिक्षुओं को
गंभीरर्ापव
त प्रमिक्षण प्राप्र् करने हे र्ु प्रेररर् करने के मलए, सफलर्ापव
त .............परू ा
ू क
ू क
करने वाले सभी प्रमिक्षणाचथतयों के प्रमिक्षण िुलक र्था मूलयांकन िुलक ................(यह
वातय सोसत फाइल में ही अधरू ा है )
प्रश्न:20 प्रशिक्षण लागत की प्रनतपूनतस की क्या प्रक्रक्रया है ?
उत्तरः
I.
डीजीईएंडटी दवारा अनुमोददर् वीटीपी से प्रमिक्षण प्राप्र् करने वाले सफल
व्यक्तर्यों के संदभत में वीटीपी को रू. 15 प्रनर् व्यक्तर् प्रनर् घंटे की दर से
प्रमिक्षण लागर् की प्रनर्पूनर्त की जाएगी।
II.
ववत्र्ीय वषत आरं भ होने से पूव,त राज्य ननदे िकों दवारा डीजीईएंडटी नयी ददलली के
समक्ष, ववत्र्ीय वषत में प्रमिक्षक्षर् ककए जाने वाले व्यक्तर्यों की संख्या इंचगर्
III.
करर्े हुए वववरण प्रस्र्ुर् ककए जाएंगे।
प्रत्येक सरकारी आईटीआई को रू. 3.00 से 10.00 लाख की एकमुश्र् अचग्रम
धनरामि प्रदान की जाएगी र्ाकक वे एसडीआई योजना के अंर्गतर् कोसत आरं भ
करा सकें।
IV.
डीजीईएंडटी के अधीन छह मिमिक्षुर्ा क्षेत्रीय ननदे िालयों (आरडीएटी) के मार्धयम
से आईटीआई/आईटीसी को रू. 15 प्रनर् प्रमिक्षणाथी प्रनर् घंटे की दर से भुगर्ान
जारी करने के मलए, वषत में प्रमिक्षक्षर् ककए जाने वाले व्यक्तर्यों की संख्या के बारे
में राज्य ननदे िकों से प्राप्र् सूचनाओं के आधार पर, डीजीईएंडटी दवारा प्रत्येक
ववत्र्ीय वषत के आरं भ में एकीकृर् ववत्र् ववभाग से एक बार अनुमोदन प्राप्र्
ककया जाएगा।
V.
एकीकृर् ववत्र् अनुभाग (आईएफडी), एमओएलएंडईसे प्राप्र् अनुमोदन के ववषय
में सभी छह आरडीएटी को सूचचर् ककया जाएगा। प्रनर्पूनर्त हे र्ु राज्य सरकारों से
वववरण (परीक्षाएं सफलर्ापूवक
त उत्र्ीणत करने वाले व्यक्तर्यों की संख्या इंचगर्
करने वाले) प्राप्र् होने पर आरडीएटी वववरण की जांच के उपरांर् संबंचधर् वीटीपी
हे र्ु धनरामियां ननगतर् करे गा।
VI.
राज्य सममनर्यां, र्था प्रत्येक आईटीआई के प्रधानाचायत दवारा यह सुननक्श्चर्
ककया जाएगा कक प्रमिक्षणाचथतयों से प्राप्र् प्रमिक्षण िल
ु क की प्रनर्पनू र्त सफल
अभ्यचथतयों को वीटीपी दवारा की जाए।
िीषत सममनर्, प्रमिक्षण लागर् की प्रनर्पनू र्त की दर र्था धनरामियां जारी करने की
प्रकक्रया को संिोचधर् (पन
ु रीक्षक्षर्) कर सकर्ी है ।
प्रश्न: 21 मूल्यांकन कौन करे गा?
उत्तरः
प्रमिक्षक्षर् व्यक्तर्यों की सक्षमर्ाओं का मूलयांकन करने के मलए डीजीईएंडटी दवारा
मूलयांकनकर्ात ननकायों की ननयुक्तर् की जाएगी। मूलयांकनकर्ात ननकाय एक स्वर्ंत्र
एजेंसी होगी, जो प्रमिक्षण कायतक्रम आयोक्जर् करने में संलग्न नहीं होगी। इससे प्रमिक्षण
की गुणवत्र्ा र्था योजना की ववश्वसनीयर्ा सुननक्श्चर् होगी।
प्रश्न :22 मूल्यांकनकतास ननकाय के ियन हे तु क्या मानक हैं?
उत्तरः मूलयांकनकर्ात ननकायों का चयन करने के समय ननम्न मानदं डों पर ववचार ककया जाएगाैः
i.
उदयोग/ननयोतर्ाओं का संघ होना चादहए या सक्षमर्ाओं के मूलयांकन में
वविेषज्ञर्ा प्राप्र् कोई संगठन होना चादहए। सक्षमर्ाओं के परीक्षण में अनुभवी
संगठनों को वरीयर्ा दी जाएगी।
ii.
योजना के अंर्गतर् प्रमिक्षण प्रदार्ा नहीं होना चादहए।
iii.
राज्य/क्षेत्रीय/अणखल भारर्ीय स्र्र पर िाखाएं या प्रचालन होने चादहए।
iv.
आयकर ननधातररर्ी होना चादहए।
v.
ववमभन्न औदयोचगक ट्रे डों व प्रौदयोचगकी में प्रनर्क्ष्ठर् व ववश्वसनीय (समवपतर्)
वविेषज्ञ होने चादहए।
िीषत सममनर्, मानदं डों का पन
ु रीक्षण एवं संिोधन कर सकर्ी है ।
प्रश्नः 23 मूल्यांकनकतास ननकायों के शलए ननयम एवं ितें कौन सी हैं?
उत्तरः मूल्यांकनकतास ननकायों पर ननम्न ननयम एवं ितें लागू होंगेः
1.
मूलयांकनकर्ात ननकाय(एबी) सेवायोजन एवं प्रमिक्षण महाननदे िालय (डीजीईएंडटी)
दवारा
कौिल ववकास प्रोत्साहन योजना के अंर्गतर् आवंदटर् राज्यों व सेतटरों में परीक्षण
आयोक्जर् करे गा। यह परीक्षण, राष्ट्रीय व्यावसानयक प्रमिक्षण पररषद दवारा अनुमोददर्
सेतटरों के र्हर् केवल एमईएस कोसों के मलए ककया जाएगा।
2.
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय (एबी) दवारा नवम्बर 2010 र्क प्रमाणन हे र्ु भारर्ीय गण
ु वत्र्ा
पररषद (तयस
ू ीआई) के समक्ष आवेदन ककया जाना चादहए, क्जसमें ववफल रहने पर एबी
को सच
ू ी से वव-पंजीकृर् माना जाएगा। इसके पश्चार्, मई 2011 र्क एबी दवारा स्वयं
को तयस
ू ीआई से प्रमाणन प्राप्र् कर लेना चादहए क्जसमें ववफल रहने पर एबी को ववपंजीकृर् माना जाएगा। तयस
ू ीआई से प्रमाणन प्राप्र् ककए जाने के उपरांर् एक वषत के
अंदर एबी दवारा आईएसओ 17024 प्रमाणन प्राप्र् ककया जाना चादहए।
3.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, अपनी ओर से मूलयांकन कायत कराने के मलए ककसी फ्रेंचाइजी को
ननयुतर् नहीं करें गे। मूलयांकनकर्ात ननकाय का कायातलय/अवसंरचना उस राज्य/केंद्रिामसर्
4.
क्षेत्र में होना चादहए जहां उन्हें मूलयांकन आयोक्जर् करने हे र्ु मंजूरी दी गई हो।
मूलयांकनकर्ात ननकाय, उछच प्रनर्क्ष्ठर् व समवपतर् मूलयांकनकर्ातओं के राज्यवार र्था
सेतटरवार पैनल बनाएंगे और उनके नाम, पर्े, योग्यर्ाएं, अनुभव, संपकत नम्बर,
फोटोग्राफ डीजीईएंडटी को अग्रेवषर् करें गे। मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकनकर्ात के पर्ों
र्था फोन नम्बरों सदहर् उनकी सूची वेबसाइटों पर अपलोड करें गे। ये मूलयांकनकर्ात,
तयूसीआई दवारा प्रमिक्षक्षर् एवं प्रमाणणर् ककए जाएंगे क्जसके उपरांर् वे डीजीईएंडटी दवारा
पंजीकृर् ककए जाएंगे जो अदववर्ीय आईडी (सेतटरवार/राज्यवार) के साथ उनके मलए
पहचानपत्र ननगतर् करें गे। केवल इन अचधकृर् मूलयांकनकर्ातओं दवारा ही मूलयांकन कायत
ककया जा सकर्ा है ।
5.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, अपने मूलयांकनकर्ातओं को डीजीईएंडटी दवारा आयोक्जर् प्रमिक्षण
में भेजेंगे।
6.
7.
मूलयांकनकर्ात ननकायों को सक्षम प्राचधकाररयों दवारा पूव-त ननरीक्षण ककए जा चक
ु े वीटीपी
के प्रमिक्षण केंद्रों या ननधातररर् परीक्षण केंद्रों पर ही मूलयांकन आयोक्जर् करना चादहए।
सामान्य रूप से, परीक्षण कायत संबंचधर् वीटीपी के प्रमिक्षण केंद्र पर ककया जाएगा।
हालांकक यदद मूलयांकनकर्ात ननकाय दवारा अपने स्थानों पर परीक्षण आयोक्जर् कराने की
योजना बनाई जार्ी है र्ो यह परीक्षण केंद्रों की सूची बनाएगा और इसे संबंचधर्
आरडीएटी र्था राज्य ननदे िक को ररकाडत हे र्ु भेजा जाएगा। परीक्षण का आयोजन
8.
9.
10.
11.
12.
अचधकृर् प्रमिक्षण केंद्र या अचधकृर् परीक्षण केंद्र पर ही ककया जाएगा।
मूलयांकन ककए जाने वाले बैच का आकार, ननधातररर् से अचधक नहीं होगा, अथातर्
उत्पादन के मामले में 20 र्था सेवाओं, कृवष व सहायक सेतटरों के मामले में 30।
मूलयांकन बैच संख्या (एबीएन), आरडीएटी दवारा ननगतर् की जाएगी।
मूलयांकनकर्ात ननकाय को मूलयांकन आयोजन हे र्ु 10% की दर से टीसी व्ययों की
प्रनर्पनू र्त की जाएगी।
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय, डीजीईएंडटी से पव
ू त अनम
ु नर् प्राप्र् ककए त्रबना समान कायत हे र्ु
ककसी अन्य संगठन से कोई अनब
ु ंध नहीं करे गा।
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय, पंजीकृर्, परीक्षक्षर्, उत्र्ीणत, िल
ु क प्रभाररर् अभ्यचथतयों, परीक्षण
केंद्रों, मल
ू यांकनकर्ातओं, मल
ू यांकन िल
ु क इत्यादद, से संबंचधर् परू ा र्था सम्पण
ू त ररकाडत
बनाए रखेगा र्था ककसी भी समय डीजीईएंडटी /आरडीएटी के अचधकृर् प्रनर्ननचधयों को
यह उपलब्ध कराने के मलए कम से कम पांच वषों र्क इन समस्र् अमभलेखों का
परररक्षण करे गा।
13.
14.
15.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, एमईएस योजना हे र्ु एक पथ
ृ क बैंक खार्ा खोलेगा र्था इस
संबंध में समस्र् प्राक्प्र्यां एवं भुगर्ान केवल इसी खार्े के मार्धयम से होंगे।
मूलयांकनकर्ात ननकाय, डीजीईटी दवारा ननधातररर् मूलयांकन िुलक से अचधक की वसूली
नहीं करे गा। आवश्यकर्ानुसार उचचर् समय पर मूलयांकन िुलक को पुनरीक्षक्षर् एवं
संिोचधर् करने का अचधकार डीजीईएंडटी के पास सुरक्षक्षर् है ।
आरडीएटी
सेतटर-वार र्था राज्य-वार एबी के रोस्टर का रखरखाव करे गा और उन्हें
वीटीपी को उनके प्रमिक्षण कायतक्रमों के समापन क्रम में आवंदटर् करे गा र्ाकक एक ही
16.
मूलयांकनकर्ात ननकाय दवारा बार-बार एक ही वीटीपी का मूलयांकन न ककया जाए।
आरडीएटी, एबी दवारा ककए जाने वाले मूलयांकनों की सूक्ष्मर्ा से ननगरानी करे गा र्था
इसके साथ ही इस संबंध में अमभलेखों के उचचर् दस्र्ावेजीकरण के मलए एबी को
आवश्यक ददिाननदे ि भी प्रदान करे गा।
प्रत्यक्ष परीक्षण के अंतगसत परीक्षण हे तु अपनाई जाने वाली प्रक्रक्रया1.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, ववननददत ष्ट केंद्रों पर एक माह में दो बार ननयममर् रूप से
मूलयांकन आयोक्जर् करे गा र्था इसे आयोक्जर् ककए जाने के बारे में ववमभन्न मार्धयमों
से व्यापक प्रचार-प्रसार करे गा।
2.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, परीक्षण हे र्ु अभ्यचथतयों का पंजीयन ककए जाने र्था मूलयांकन
िुलक का संग्रह करने हे र्ु उत्र्रदायी होगा। यह ये कायत सीधे या अपने अचधकृर्
ननधातररर् परीक्षण केंद्रों या व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ाओं के मार्धयम से कर सकर्ा है ।
3.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकन ककए जाने वाले अभ्यचथतयों की सूची, ननददत ष्ट प्रारूप पर
आरडीएटी को प्रेवषर् करे गा जो एक अदववर्ीय मूलयांकन बैच संख्या (एबीएन) आवंदटर्
4.
करर्े हुए इसकी अमभस्वीकृनर् प्रदान करें गे।
आरडीएटी ट्रे ड परीक्षण की समय-साररणी बनाएगा क्जसमें नर्चथ, समय र्था अभ्यचथतयों
की सच
ू ी एवं एबी को सचू चर् ककए गए अनस
ु ार ननधातररर् परीक्षण केंद्रों की अवक्स्थनर् के
वववरण होंगे।
5.
6.
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय, ट्रे ड परीक्षण के संदभत में कोसों, अभ्यचथतयों की सूची, प्रनर्पनू र्त की
जाने वाली लागर् इत्यादद के बारे में टीसी को समचु चर् रूप से अचग्रम सचू चर् करे गा।
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय, ककसी सक्षमर्ा वविेष के मलए एनसीवीटी दवारा स्वीकृनर् के
अनुसार, अनुमोददर् मूलयांकन मानदं ड अथातर् सैद्धांनर्क, प्रायोचगक र्था मौणखक के
आधारों पर परीक्षा प्रश्नपत्रों को र्ैयार ककए जाने हे र्ु उत्र्रदायी होगा। मूलयांकनकर्ात
ननकाय, राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र को भेजे जाने वाले तलेम त्रबल के साथ प्रश्न पत्र की एक
प्रनर् भी उपलब्ध कराएगा।
7.
डीजीईएंडटी दवारा मूलयांकनकर्ातओं के मागतदितन हे र्ु र्ैयार मूलयांकन पद्धनर्/मूलयांकन
8.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकन की नर्चथ से 07 ददवस के अंदर मूलयांकन के पररणामों
अनुदेिों के अनुसार ही एबी दवारा परीक्षण कायत ककया जाएगा।
से आरडीएटी को अवगर् कराएंगे र्ाकक आरडीएटी दवारा पररणामों की घोषणा र्था
प्रमाणपत्रों का ननगतमन ककया जा सके।
9.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकन के पररणामों को समेककर् करें गे र्था सभी पररणामों को
वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर पर अपलोड करें गे र्था इसकी एक हाडत कॉपी संबंचधर् आरडीएटी
को र्ीव्रर्म साधन दवारा प्रेवषर् करें गे क्जसमें प्रमाणणर् मूलयांकनकर्ात का नाम र्था
अदववर्ीय आईडी संख्या आदद इंचगर् होंगे।
10.
आरडीएटी, एबी को प्रमाणपत्रों का ववर्रण करे गा जो इन प्रमाणपत्रों को संबंचधर्
अभ्यचथतयों को 7 ददनों के अंदर ववर्ररर् करें गे। एबी दवारा सफल पात्र अभ्यचथतयों को
11.
प्रमाणपत्र के साथ ही मूलयांकन िुलक की प्रनर्पूनर्त भी की जाएगी।
एबी अ.जा./अज.जा./अ.वप.व./मदहला, र्था िारीररक रूप से ववकलांग अभ्यचथतयों एवं
समाज के ननधतन वगों के व्यक्तर्यों के संदभत में मूलयांकन िुलक की प्रनर्पूनर्त हे र्,ु सफल
पात्र
अभ्यचथतयों
को
दी
गई
प्रनर्पूनर्त का
वववरण
उपलब्ध
करार्े
हुए
संबंचधर्
राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र के समक्ष दावा प्रस्र्ुर् करे गा। राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र, एबी को यह
प्रनर्पूनर्त धनरामि प्रदान करे गा।
वीटीपी द्वारा प्रशिक्षक्षत प्रशिक्षणागथसयों का प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन
1.
ववमिष्ट सेतटर(सेतटरों) र्था राज्य (राज्यों) के मलए पैनल में सक्म्ममलर् मूलयांकनकर्ात
ननकाय (एबी) को पंजीकृर् वीटीपी के प्रमिक्षक्षर् अभ्यचथतयों का मल
ू यांकन कायत आरडीएटी
दवारा रोस्टर के अनरू
ु प प्रदान ककया जाएगा। एबी, वीटीपी से बैंक ड्रॉफ्ट के जररए
2.
प्रमिक्षक्षर् अभ्यचथतयों के मल
ू यांकन िल
ु क का संग्रह करे गा।
परीक्षण केंद्र (टीसी) के रूप में अनम
ु ोददर् होने की क्स्थनर् में वीटीपी, मल
ू यांकन में वहन
ककए गए व्ययों की 10% की दर से कटौर्ी करर्े हुए मल
ू यांकन िल
ु क (एएफ), एबी के
पास जमा करे गा।
3.
एबी, वीटीपी/टीसी से परामित करके मूलयांकन नर्चथ की उपयुतर्र्ा की पुक्ष्ट करे गा, जो
कक प्रमिक्षण पूणत होने के 24/48 घंटे की अवचध में होना वरीय होगा, इसके बारे में वह
राज्य ननदे िक के कायातलय र्था आरडीएटी को सूचचर् करे गा। राज्य ननदे िक र्था
आरडीएटी, अननयर् आधार पर मूलयांकन नर्चथ पर टीसी के यहां प्रेक्षक/ननरीक्षक के रूप
में ववक्जट करें गे र्था ननधातररर् प्रारूप पर अपने व वीटीपी/टीसी के परीक्षा प्रभारी दवारा
4.
समुचचर् हस्र्ाक्षररर् एक मूलयांकन ररपोटत (एआर) र्ैयार करें गे।
मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकन के पररणामों को समेककर् करें गे र्था सभी पररणामों
को वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर पर अपलोड करें गे र्था इसकी एक हाडत कॉपी संबंचधर्
आरडीएटी को र्ीव्रर्म साधन दवारा प्रेवषर् करें गे क्जसमें प्रमाणणर् मूलयांकनकर्ात का
नाम र्था अदववर्ीय आईडी संख्या आदद इंचगर् होंगे।
5.
मूलयांकनकर्ात ननकाय, मूलयांकन आयोक्जर् करने के उपरांर् 7 ददवस के अंदर पररणाम
र्ैयार करें गे और संबंचधर् आरडीएटी दवारा आगामी र्ीन ददवस के अंदर जांच,
अनुमोदन र्था घोषणा हे र्ु इसे वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर (डब्लयूबीएस) पर अपलोड
करें गे।
6.
आरडीएटी, वीटीपी को प्रमाणपत्रों का ववर्रण करे गा जो इन प्रमाणपत्रों को संबंचधर्
अभ्यचथतयों को 7 ददनों के अंदर ववर्ररर् करें गे। एबी दवारा सफल पात्र अभ्यचथतयों को
7.
ववर्ररर् ककए जाने के मलए वीटीपी को मूलयांकन िुलक की प्रनर्पूनर्त भी की जाएगी।
एबी सफल पात्र अभ्यचथतयों को दी गई प्रनर्पूनर्त का वववरण उपलब्ध करार्े हुए संबंचधर्
राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र के समक्ष मूलयांकन िुलक प्रनर्पूनर्त का दावा प्रस्र्ुर् करे गा।
राज्य/केंद्रिामसर् क्षेत्र, एबी को यह प्रनर्पनू र्त धनरामि प्रदान करे गा।
सामान्य
मूलयांकनकर्ात ननकाय, अपने दवारा ककए गए मूलयांकन के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले
ककसी दावे या वववाद के मलए स्वयं क्जम्मेदार होगा। ऐसे ककसी वववाद में डीजीईएंडटी
पक्षकार नहीं होगा। ककसी भी समय पर त्रबना कोई पूवस
त ूचना ददए इन ननयमों एवं िर्ों
को ननरस्र्/पररवनर्तर्/संिोचधर् करने का अचधकार डीजीईएंडटी के पास सरु क्षक्षर् है ।
मल
ू यांकनकर्ात ननकाय दवारा ननददत ष्ट ननयमों एवं िर्ों का पालन न ककए जाने पर उसे
पैनल से ननरस्र् कर दे ने का अचधकार डीजीईएंडटी के पास सरु क्षक्षर् है र्था इस
ननरस्र्ीकरण के कारण मल
ू यांकनकर्ात ननकाय के कोई भी दावे/क्षनर्पनू र्त आदद जो भी हों,
मान्य नहीं होंगे। ककसी वववाद के उत्पन्न होने की क्स्थनर् में , श्रम र्था सेवायोजन
मंत्रालय का ननणतय अंनर्म र्था मल
ू यांकनकर्ात ननकाय पर बार्धयकारी होगा।
प्रश्न: 24 मूल्यांकन/परीक्षण िुल्क क्रकतना है ?
उत्तरः मूलयांकन िुलक कौिल क्षेत्र पर ननभतरर्ा के अनुसार रू. 500-800 है । इंजीननयररंग कोसत
के मलए (क्जसमें कक्षाकक्ष प्रमिक्षण के अनर्ररतर् कायतिाला, उपकरणों, कछची सामग्री की
आवश्यकर्ा हो) मूलयांकन िुलक रू. 800/- प्रनर् प्रमिक्षु प्रनर् कोसत होगा र्था गैर-
इंजीननयररंग कोसत के मलए मूलयांकन िुलक रू. 500/- होगा। आवश्यक होने पर िीषत
सममनर् मूलयांकन िुलक को पुनरीक्षक्षर् र्था संिोचधर् कर सकर्ी है ।
प्रश्न: 5
मूल्यांकन िुल्क की प्रनतपूनतस की प्रक्रक्रया क्या है
उत्तर: मूलयांकन िुलक उन सभी सफल व्यक्तर्यों को प्रनर्पूनर्त की जार्ी है क्जन्होंने अनुमोददर्
वीटीपीएस(वीटीपी) से प्रमिक्षण प्राप्र् ककया है ।
सीधे अपने कौिलों के मूलयांकन के मलए
आने वाले व्यक्तर्यों के संबंध में , मूलयांकन िुलक वंचचर् समूहों (एससी, एसटी, ओबीसी,
ववकलांग व्यक्तर्यों) के व्यक्तर्यों, मदहलाओं और समाज के गरीब वगों क्जन्होंने परीक्षा
पास की है , के मलए प्रनर्पूनर्त की जाएगी। आरडीएटी (आरडीएटी) को सफल उम्मीदवारों
की सूची अग्रेवषर् करर्े समय मूलयांकन ननकाय मूलयांकन िुलक की प्रनर्पूनर्त की
जानकारी भी प्रस्र्ुर् करे गा। आरडीएटी सफल उम्मीदवारों को आगे प्रनर्पूनर्त के मलए
मूलयांकन ननकायों को चेक जारी करे गा। मूलयांकन ननकाय आरडीएटी क्जसने सफल
उम्मीदवारों को मूलयांकन िुलक की प्रनर्पूनर्त की है , से चेक की प्राक्प्र् की ददनांक से 15
ददनों के भीर्र एक प्रमाण पत्र प्रस्र्ुर् करर्ा है ।
प्रश्न: 5
प्रमाण पत्र कौन जारी करे गा
उत्तर: सफल व्यक्तर्यों को नेिनल काउं मसल फॉर वोकेिनल ट्रे ननंग (एनसीवीटी) दवारा जारी
प्रमाण पत्र से सम्माननर् ककया जार्ा है । मूलयांकन ननकाय प्रमाण पत्र जारी करने के
मलए डीजीई एंड टी के अधीन संबंचधर् रीजनल डायरे तटोरे ट ऑफ अप्रें दटसमिप ट्रे ननंग
(आरडीएटी) को अंकपत्रों के साथ सफल उम्मीदवारों की सूची भेजेगा। आरडीएटी प्रमिक्षु
की योग्यर्ाओं का वववरण दे कर मूलयांकन ननकाय को सफल उम्मीदवारों को भेजने के
मलए प्रमाण पत्र जारी करे गा।
प्रश्न: 5
योजना को कब लागू क्रकया गया
उत्तर: एसडीआई (एसडीआई) योजना को 24 मई 2007 को चालू ककया गया था।
प्रश्न: पररयोजना प्रबंर्न, ननगरानी एवं मूल्यांकन की प्रक्रक्रया क्या है
उत्तर: राष्ट्रीय स्र्र पर िीषत सममनर् और राज्य स्र्र पर राज्य सममनर् को उदयोगों जैसे
दहर्धारकों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ट्रे ड यूननयन के साथ प्रभावी समन्वय स्थावपर्
करने, पररयोजना कक्रयान्वयन के मलए सलाह दे ने र्था मागतदितन करने के मलए गदठर् ककया
गया है । िीषत सममनर् सचचव, श्रम एवं रोजगार, भारर् सरकार दवारा संचामलर् की जाएगी और
राज्य सममनर् राज्य सरकार के संबंचधर् सचचव/प्रमुख सचचव दवारा संचामलर् की जाएगी। इन
सममनर्यों में प्रमुख दहर्धारकों के प्रनर्ननचध िाममल होंगे। इन सममनर्यों की संरचना एवं कायों
का नीचे उललेख ककया गया है ।
एसडीआई/एमईएस के मलए िीषत सममनर्
रोजगार एवं प्रमिक्षण महाननदे िालय (डीजीई एंड टी) राष्ट्रीय स्र्र पर एक िीषत सममनर् का
गठन करे गा। िीषत सममनर् की संरचना एवं कायत इस प्रकार है :प्रश्न: 5
िी्स सशमनत की संरिना क्रकस तरह की है
उत्तर:
1. सचचव (श्रम एवं रोजगार),
- अर्धयक्ष
2. अपर सचचव (एल एंड ई)
- उपार्धयक्ष
3. ववत्र्ीय सलाहकार (एमओएलई)
- सदस्य
4. आचथतक सलाहकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- सदस्य
5. संयत
ु र् सचचव/डीजीईटी
- सदस्य सचचव
केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों/ववभागों के प्रनतननगर् (सगिव या इसका प्रनतननगर्, संयुक्त सगिव के
पद से नीिे नहीं)
6. व्यय ववभाग, ववत्र् मंत्रालय
7. सामाक्जक न्याय एवं अचधकाररर्ा मंत्रालय
8. आवास एवं िहरी गरीबी उपिमन मंत्रालय
9. योजना आयोग
ट्रे ड यनू नयनों के प्रनतननगर्
10. भारर्ीय मजदरू संघ
11. इंडडयन नेिनल ट्रे ड यनू नयन कांग्रेस
ननयोक्ता संगठनों के प्रनतननगर्
12. भारर्ीय उदयोग पररसंघ (सीआईआई), नई ददलली
13. ऐसोमसएटे ड चेम्बसत ऑफ कॉमसत एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडडया (एसोचैम), नई ददलली
14. फेडरे िन ऑफ इंडडयन चेम्बर ऑफ कॉमसत एंड इंडस्ट्रीज (कफतकी), नई ददलली
15. फेडरे िन ऑफ इंडडयन माइक्रो एंड स्मॉल एंड मीडडयम इंटरप्राइजेज, नई ददलली
16. पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमसत एंड इंडस्ट्री, नई ददलली
राज्य सरकारों के प्रनतननगर् (सगिव/ प्रमुख सगिव स्तर का अगर्कारी)
17. महाराष्ट्र
18. र्ममलनाडू
प्रश्न: 59- िी्स सशमनत के कायस क्या हैं
उत्तर: िीषत सममनर् के कायत हैं:
I.
योजना की नीनर्यों, ननयमों, मानदं डों, धन आवंटन, व्यय, लागर्, प्रकक्रयाओं
आदद की समीक्षा करना और संिोचधर् करना।
II.
III.
प्रमिक्षण िुलक एवं मूलयांकन िुलक की समीक्षा करना और संिोचधर् करना।
मल
ू यांकन ननकायों के चयन और ननयक्ु तर् के मलए ददिा ननदे ि र्ैयार करना।
ट्रे ड सममनर्यों के सदस्यों एवं अन्य सदस्यों को भुगर्ान ककए जाने वाले मानदे य,
IV.
टीए/डीए आदद की दर र्य करना।
वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर ववकमसर् करने के काम को पुरस्कृर् करने के मलए ददिा
V.
ननदे ि र्ैयार करना;
योजना की ननगरानी और मूलयांकन करना।
VI.
व्यावसानयक प्रमिक्षण प्रदार्ाओं के चयन के मलए ददिा ननदे ि र्ैयार करना।
VII.
जारी की गयी रामि का समचु चर् उपयोग सनु नक्श्चर् करना।
VIII.
श्रम बाजार में मांग का आंकलन करना।
IX.
योजना के र्हर् घटकों में पररवर्तन करना, उनको जोड़ना या हटाना
X.
प्रश्न: 30- योजना के क्रक्रयान्वयन एवं ननगरानी गनतववगर्यों के शलए कौन श्जम्मेदार है
उत्तर: डीजीई एंड टी मख्
ु यालय में एक राष्ट्रीय पररयोजना प्रबंधन प्रकोष्ठ (एनपीएमसी) और
आरडीएटी में छह क्षेत्रीय प्रकोष्ठों का गठन ककया जाएगा। ये दे ि में एसडीआई/एमईएस
योजना के कक्रयान्वयन र्था ननगरानी गनर्ववचधयों के क्जम्मेदार हैं। इन प्रकोष्ठों को
आधनु नक कायातलय उपकरण, फैतस, फोटोकॉपी मिीन, कम्प्यूटर, लैपटॉप कम्प्यूटर,
प्रोजेतटर, वप्रंटर, स्कैनर, हाई स्पीड इंटरनेट कनेतिन, एसटीडी सुववधा के साथ ववमिष्ट
टे लीफोन लाइन, कॉन्फ्रेंमसंग वीडडयो आदद से सुसक्ज्जर् ककया जाएगा। एनपीएमसी र्था
क्षेत्रीय प्रकोष्ठ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के रोजगार एवं प्रमिक्षण महाननदे िालय के
प्रिासननक ननयंत्रण के अधीन होंगे, जो समन्वय एजेंसी होगी। 22 पदों का सज
ृ न ककया
जाएगा। एनपीएमसी र्था क्षेत्रीय प्रकोष्ठों को सहायक स्टाफ भी प्रदान ककया जाएगा।
क्षेत्रीय ननदे िक अनुबंध के आधार पर सहायक स्टाफ ननयुतर् कर सकर्े हैं।
प्रश्न: 31- राज्य सशमनत की संरिना क्रकस तरह की है
उत्तर: इस सममनर् में 11 सदस्य होंगे:-
1. क्रैफ््समेन ट्रे ननंग-स्कीम (सीटीएस) से संबंचधर् सचचव/प्रमुख सचचव
2. सीटीएस से संबंचधर् ननदे िक
- अर्धयक्ष
- सदस्य सचचव
3. व्यावसानयक प्रमिक्षण एवं रोजगार से संबंचधर् अन्य
राज्य ववभागों के प्रनर्ननचध
4. प्रनर्ननचध ननयोतर्ा संगठन
- 2 सदस्य
-4 सदस्य (सीआईआई, कफतकी, एसोचैम, आदद)
5. डीजीई एंड टी के प्रनर्ननचध
- 1 सदस्य
6. ट्रे ड यूननयन के प्रनर्ननचध
- 2 सदस्य
प्रश्न: 35- राज्य सशमनतयों के क्या कायस हैं
i.
श्रम बाजार मांग का आकलन करना।
ii.
योजना को व्यापक रूप से लोकवप्रय बनाना।
iii.
वीटीपीएस से आवेदन आमंत्रत्रर् करना, उनकी जांच करना और आरडीएटी को
मसफाररिें भेजना।
अनम
ु ोददर् वीटीपीएस की सच
ू ी बनाना।
iv.
ननधातररर् प्रवेि ददिा ननदे िों के अनस
ु ार प्रवेि सूचना जारी करना।
v.
वीटीपीएस में ननधातररर् प्रमिक्षण िल
ु क का कायातन्वयन सनु नक्श्चर् करना।
vi.
राज्य के मलए वावषतक प्रमिक्षण योजना र्ैयार करना और इसे ववत्र्ीय वषत की
vii.
िरू
ु आर् से कम से कम र्ीन माह पहले आरडीएटी को भेजना।
viii.
वीटीपीएस में प्रमिक्षण स्थानों के संबंध में एससी/एसटी, मदहलाओं एवं अन्य लोगों के
मलए आरक्षण नीनर् का कायातन्वयन सुननक्श्चर् करना।
परीक्षाएं आयोक्जर् करने में मूलयांकन ननकायों को सहायर्ा प्रदान करना।
ix.
क्जले में एसडीआई/एमईएस योजना के समन्वय के मलए प्रत्येक क्जले में नोडल
x.
आईटीआई घोवषर् करना।
ननधातररर् भूममका ननभाने के मलए नोडल आईटीआई के मलए आवश्यक अचधकार प्रदान
xi.
करना।
योजना के पररणाम की ननगरानी और मूलयांकन करना।
xii.
xiii.
वीटीपीएस ननरीक्षण के मलए ददिा ननदे ि र्ैयार करना।
xiv.
वीटीपीएस के मलए जारी की गयी रामि का समुचचर् उपयोग सुननक्श्चर् करना।
प्रश्न: 33- वेब आर्ाररत सॉफ्टवेयर क्रकस तरह से उपयोगी होगा
उत्तर: कायासन्वयन, ननगरानी और मूल्यांकन के शलए वेब आर्ाररत सॉफ्टवेयर
वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर योजना के कायातन्वयन, ननगरानी और मूलयांकन के मलए
उपयोग ककया जाएगा। वेब आधाररर् सॉफ्टवेयर केंद्र र्था राज्य स्र्रों पर उपलब्ध
सीममर् स्टॉफ के साथ ननधातररर् अवचध में योजना के लक्ष्य को प्राप्र् करने के मलए
आवश्यक होगा। यह योजना की गनर्ववचधयों की प्रभावी ढं ग से ननगरानी करने में मदद
करे गा।
सॉफ्टवेयर की कुछ वविेषर्ाएं नीचे दी गयी हैं:-
VII.
प्रमिक्षण चाहने वाले व्यक्तर्यों का ऑनलाइन पंजीकरण या उनके कौिलों का
परीक्षण
VIII.
कॉल लेटसत र्ैयार हो जाएंगे
IX.
प्रवेि की नर्चथ स्वयं जनरे ट हो जाएगी और सत्र के मर्धय में ककसी भी प्रवेि की
अनुमनर् नहीं दी जाएगी।
X.
प्रमिक्षण प्राप्र् कर रहे व्यक्तर्यों की संख्या के बारे में पाठयक्रम के अनुसार और
ककस वीटीपीएस में प्रमिक्षण प्राप्र् कर रहे हैं, की ररपोटत जनरे ट की जा सकर्ी है ।
XI.
प्रमिक्षक्षर् व्यक्तर्यों की संख्या के बारे में पाठयक्रम के अनस
ु ार और ककस वीटीपीएस
से प्रमिक्षण प्राप्र् ककया है और कब, की ररे पोटत जनरे ट की जा सकर्ी है ।
XII.
मल
ू यांकन ककए गए व्यक्तर्यों की संख्या के बारे में - पाठयक्रम के अनस
ु ार और ककस
मल
ू यांकन ननकाय दवारा और कब मल
ू यांकन ककया गया है , की ररपोटत जनरे ट की जा
सकर्ी है ।
XIII.
प्रमाणणर् व्यक्तर्यों की संख्या के बारे में - पाठयक्रम के अनुसार और ककस मूलयांकन
ननकाय दवारा
और कब प्रमाणणर् ककया गया है , की ररपोटत जनरे ट की जा सकर्ी है ।
XIV. प्रदान ककए गए पाठयक्रमों के साथ साथ वीटीपीएस के बारे में जानकारी,
XV.
पाठयक्रमों क्जनमें परीक्षा ली जा सकर्ी है , के वववरण के साथ साथ टीसीएस के बारे
में जानकारी।
XVI. मूलयांकन ननकायों के बारे में जानकारी
XVII. प्रमाण पत्र र्ैयार हो जाएंगे।
XVIII. रोजगार चाहने के मलए प्रमिक्षक्षर् व्यक्तर् अपने िैक्षक्षक अमभलेख एवं कायत अनुभव
प्रस्र्ुर् कर सकर्ा है ।
XIX. कुिल व्यक्तर्यों के मलए ननयोतर्ा अपनी जरूरर्ों को प्रस्र्ुर् कर सकर्े हैं।
प्रश्न: 34- वीटीपीएस का क्रकस प्रकार मूल्यांकन क्रकया जाएगा
उत्तर: प्रमिक्षण ववर्रण और मूलयांकन कायों के पथ
ृ तकरण का उद्देश्य बेहर्र गुणवत्र्ा
सुननक्श्चर् करना है । वीटीपीएस के प्रदितन की उनके दवारा प्रदान ककए गए प्रमिक्षण के
आउटपुट और पररणामों के आधार पर सावधानी पूवक
त
ननगरानी की जाएगी। ननम्नमलणखर्
मानदं डों के आधार पर दववर्ीय वषत से लेकर उसके बाद र्क की रे दटंग से वीटीपीएस को
सम्माननर् ककया जाएगा:
श्रेणीकरण
6 माह की अवचध के दौरान परीक्षाओं में िाममल हुए
प्रमिक्षुओं की पास होने की दर
(अप्रैल- मसर्म्बर, अतटूबर- माचत)
A
80% और इससे अचधक
B
65%- 80%
C
50%-65%
D
50% से कम
प्रश्न: 3 - हहतर्ारकों से क्या उम्मीदें हैं
उत्तर-
ननयोक्ता और कमसिारी संगठन
i.
रोजगार र्था कौिल उपेक्षा के मलए उभरर्े क्षेत्रों का पूवातनुमान लगाना
ii.
योग्यर्ा मानकों का ववकास करना
iii.
अनर्चथ संकाय र्था मल
ू यांकन करने वालों की उपलब्धर्ा सनु नक्श्चर् कराना
iv.
v.
vi.
vii.
viii.
प्रमिक्षकों और मल
ू यांकन करने वालों का प्रमिक्षण
प्रमिक्षण के मलए कमतचाररयों को प्रोत्सादहर् और ननयत
ु र् करना
प्रमिक्षण एवं परीक्षा सवु वधाओं को उपलब्ध कराना
ननगरानी और मल
ू यांकन
प्रमिक्षणाथी
को रोजगार पाने में सहयोग करना
अंतरासष्‍टट्रीय संगठन
i.
ii.
उत्कृष्ट अंर्रातष्ट्रीय कायतवादहयों का प्रदितन करना
अनौपचाररक अथतव्यवस्था हे र्ु योजनाक कक्रयान्वयन के क्षत्र में क्षमर्ा ननमातण र्था
दक्षर्ा ववकास कायतक्रम की ननगरानी करना
iii.
प्रचरु र्ा मानकोंक अर्धययन सूचीक मिक्षण सामग्रीक मूलयांकन मानकों इत्यादद के ववकास
के क्षेत्र में क्षमर्ा ननमातण
iv.
पायलट प्रोग्राम लागू करना
राज्य सरकार
i.
ii.
iii.
प्रमिक्षण प्रदार्ाओं और मूलयांकन ननकायों की पहचान करना
मूलयांकन ननकायों को पूणत सहयोग प्रदान करनार
श्रम बाजार मांग और अर्धययन सूची ववकास का मूलयांकन करना
iv.
व्यापक प्रचार-प्रसार करना
v.
आईटीआई/आईटीसी में एमईएस कायतक्रम लागू करना
vi.
प्रमिक्षण उपरान्र् सहयोग प्रदान करना
vii.
गुणवत्र्ा सुननक्श्चर् करने हे र्ु सूक्ष्म ननगरानी और मूलयांकन
viii.
समवपतर् एमईएस सेल की स्थापना करना
एनजीओ/व्यावसानयक प्रशिक्षण प्रदाता
i.
परामित एवं व्यावसानयक मागतदितन
ii.
गण
ु वत्र्ापण
ू त प्रमिक्षण प्रदान करना
iii.
प्रमिक्षणाचथतयों की आवश्यकर्ानस
ु ार उदार र्रीके से प्रमिक्षएण प्रदान करना
iv.
प्रमिक्षणाचथतयों को प्रमिक्षण के उपरान्र् सहयोग प्रदान करना
v.
प्रमिक्षक्षर् प्रमिक्षणाचथतयों और प्रमिक्षण के पररणाम के ववषय में सूचना र्ैयार करना
Fly UP