...

JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION 185 UNIVERSITY OF CALICUT

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JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION 185 UNIVERSITY OF CALICUT
JOURNALISM AND MASS
COMMUNICATION
Study material
VI SEMESTER
B.A HINDI
ELECTIVE COURSE
(2011 ADMISSION)
UNIVERSITY OF CALICUT
SCHOOL OF DISTANCE EDUCATION
THENJIPALAM, CALICUT UNIVERSITY P.O., MALAPPURAM, KERALA - 693 635
185
School of Distance Education
UNIVERSITY OF CALICUT
SCHOOL OF DISTANCE EDUCATION
Study material
VI SEMESTER
B.A HINDI
ELECTIVE COURSE
JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION
Prepared by
Ms.C.SOSHEENA
(Research Scholar, Department of Hindi,
University of Calicut)
CHEMBAYIL HOUSE
MELE PERINGATU
P.O.G.A.COLLEGE
CALICUT – 14
Scrutinised by :
Dr. PAVOOR SASHEENDRAN (Retd.)
38/1294, APPUGHAR,
EDAKKAD P.O.,
CALICUT
Type settings & Lay out
Computer Section, SDE
©
Reserved
Journalism and Mass Communication
Page 2
School of Distance Education
Module – 1
1.
-
2.
का
Module – 3
21.
जनसंचार
एवं
3.
4.
भारत एवं केरल के
संचार
22.
एवं
1.
एवं
(
,
2.
)
4.
6.
Module – 2
7.
5.
8.
खोजी
ण एवं
9.
10.
11.
सं
पीत
14.
15.
खेल
इ-संचार(
6.
या
Module – 4
23.
समाचार
25.
क
बाल
16.
26.
27.
28.
फोटो
19.
20.
Journalism and Mass Communication
)
संचार
का
एवं
समाचार लेखन
समाचार लेखन का उदाहरण
संपादक
समाचार चयन
29.
30.
17.
18.
समाचार
24.
12.
13.
टे
3.
5.
के
: अवधारणा
31.
32.
33.
भारतीय
य
-लेखन
समाचार
Page 3
School of Distance Education
Journalism and Mass Communication
Page 4
School of Distance Education
MODULE – l
1)
कहते ?
(Journalism)
पूरे
ऐसी
जन-सेवा का
है जो सब को
तथा
है ।
है । उनका कहना था
होता है
हु ई है ।
,
जीवन
इसे ‘
‘
को इस
पा
का
राजनै
संसद के बाद
,
घटनाओं,
और
का संकलन-
है िजसका
है एक एक
के साथ साथ
होती है । अतः कहा जा सकता है
कला एवं
और जनमत
संगठन
वह
घटनाओं और
को जानकर अपने बंद
-पतन
घटनाओं और उनके आधार पर
है – “
के अनुसार – “
को अपने
दे ख सकते
,
,
है ।
से है – िजससे वह
आता है । आज
है। इसका
जीवन
होती है ।
’ से
‘
’ से
‘
का
के
, जय-पराजय,
युगीन
’ होता है ।
करना।
के
-संवाददाता बैठते , वह
, आशा-
डॉ.भँवर सुराणा ने इसे इस
के उस
’ (Fourth Estate)
न होकर मानव जीवन के
है - “
करना
के संकलन, चयन,
को ‘
’ (Journalism) कहा जाता है । यह
, सामािजक,
को
ने
एवं
या
के
दे श
‘साधारण या
’
है ।
करती है । यह
समाचार
-
भाव-
जीवन
राजनै
का संकलन
-
है । यह
‘िजस
है ।’ इससे यह
सूचनाओं और
:-
करने का
है , िजसका
का सबसे
भी
”
‘पाँचवा वेद’ है , िजसके
को खोलते
और
हम
-
”
हे रब
ने
और
को पूरक माना है । उनके अनुसार - “The best
journalism is literature and the best literature is the journalism”
डॉ.
ने
ऑफ
के आधार पर
इस
है । “
के
’ है ।
‘
से बना
संपादक एवं लेखन औऱ
संकलन-
,
‘
-
कला एवं
Journalism and Mass Communication
होता है जो ‘
’
के
को
का
,
है । समाचार
के
संगठन
का
’ से
एवं
रखा गया। इस
है ।”
है , िजसका
रहता था।
के
का
Page 5
School of Distance Education
इन सभी
भाषाओं से
है
करती है । साथ
समाज का आइना है । यह
जनता के सामने रखती है । पूरे समाज
भी होता है ।
के
2)
का
कर उनका
का
जन
(Significance) पर
करते हु ए दे श
भी
को
को
के समाचार दे ना
संशोधन और
रहता है। समाचार
और समाज के बीच संबंध-
दे कर
एवं
3)
का
एवं
दे ती है तो
तरह
करती है । इसी
ऒर
और
एक ऐसी
जाने वाला
सूचना दे ना,
का
साधन है ।
का
से
को
(Nature and Scope) पर
घटना या
करना और
उजागर करती
के
का
समाचार
भी घटना के
और
के
से
के
,
मजबूत कड़ी है। यह
को
है । जनता को सचेत करना
करना और मनोरं जन करना
Journalism and Mass Communication
से लेकर
तथा
का
के
को उजागर करके
का
का मूल
करना, उनका
कर दे ना है । यह एक ऒर
,
लड़ी।
को
समय के
यह जनमत
तक
तक पहु ँ चाती है । यह गलत काम करने
के
बड़ी
जनता तक पहु ँ चाना है ।
करना, इनका
भी दे ती है । यह समाज
है जो समाज
व
का
लाती है ।
दे ते
, घटनाओं को
एवं
समझी जाती थी।
हु आ है । समाचार और
होकर बाहर आने तक अनेकानेक
जनमत
से चलाने के
साधन है । समाज
है ।
समाज से
करती हु ई जनता को
वातावरण का सृजन करना
का
को
,
को जनता के
से
-
का
कर यह
अंग बन गई है आज
एक
तथा लोक
,
घटनाओं को
को
और
,
साधन है । यह सामािजक
भी
है ।
पहले अखबार
उसके
कटु
भी करती है ।
होना
सुधारने का
का
एवं
से रखती है ।
है । यह लोक
साथ
शासन
के
है ।
है ।
और
को
चेतावनी दे ती है । इस
दूर कराने का
रोज़-रोज़
कह सकते
Page 6
School of Distance Education
हु ए
के
का
एवं बहु आयामी होता है ।
से लेकर आज तक
समाचार
,
,
के
4)
का
का
डा
’ नाम से
‘डा
’
से
और
है ।
है । ईसा से 59
पर
और ताड़ के
कर
तो यह
चुके थे। छापा
गई। 1561 ईसवीं
समाचार
से भी समाचार
का
का
तथा
भारत
राजा के
यूरोप
के
से
होते आ रहे
भारत
करने का
आउट ऑफ
अखबार
का
हु आ। 1621
भाषा
का पहला समाचार
का
है ।
लंदन
करता है ।
को सीमा तक भेजने के
Journalism and Mass Communication
काल
‘
होता था। इसी
कागज़ का उपयोग
का उपयोग
चीन को है ।
ने सन ् 1934
एक
से 1620 ईसवीं
छापाखाने
हो
बन
-नयूज़।
का
गया। इसके बाद लंदन
ओरांट तथा 23 मई 1622 को
, ओडेर जीटु ं ग और
गज़ट है जो 1631
तक आते आते िजतने भी
का
तथा
तथा 1575
हु आ। 1702
1803
के
हु आ। जापा
होने के बाद इनसे समाचार
का
से पहला
जगह
जगह कागज़ का
सबसे पहले
हु आ।
माना जाता है ।
बंद हु आ। 1500 ईसवीं तक आते पूरे यूरोप
1609
... जैसे
सबसे पहला समाचार
घोषणाओं के
पेइचींग से चीनी-गज़ट का
हु आ।
,
-
सीज़र ने रोम
’ का
‘
सन ् 263 ईसवीं
से
के कारण
या भारतीय
पहले
था। यह
का
,
गया है । वह
संभवतः 105 ईसवीं से माना जाता है । उसके पहले कागज़
करता था। भोज
अनेक
जनसंचार
,
चार
और
(Origin and Development) को
बहु त
से बाद
के
,
आयी है ।
हो गए। आगे इसपर
के संकलन और उनके
से
छपा। िजनेवा से
आये
भी मौजूद थी।
शासन
का उपयोग, यह सब
नामक
1645
को
से अ
भी
आज भी
नारद मुनी
को राजा तक तथा
का एक
है ।
Page 7
School of Distance Education
मुगल काल
संवाद
था। इसका
गई थीं।
होता है ‘घटनाओं
दे ने’ या ‘भेजने वाला’।
वाकयानवीस परं परा को चालू रखा।
से
रखा।
भारत
29
भारत
अनेक
से
1780
जाता है । इसको
जन
करा
युग
थी।
यह
से
का
आलोचना
गया। इसके बाद 1785
शासन ने एक आदे श
करने वाले
एक तरह से
साहब के सलाहकार
तक
समाचार सुधा
बाद
ता
आधार बनाया।
और अंशतः
बाद
,
और
लखनऊ से नेशनल
और इनसे
पायी थी।
बाद
से
पर
सरकार के
ने
पड़ेगा।
लड़ाई का
से उड़ा
इसी
इसी
था। यंग
का
इसके बाद
– अमृत बाज़ार
नवजीवन भी
सेवक और गुजराती
परं पराओं के
का तथा सुभाष
Journalism and Mass Communication
था। नाना
था। पर उसका
सेन ने
का
से
,
को
, जो
इसका गुजराती
1919
गाँधीजी ने
बनती गई।
ओपीनीयन
भी
कर
ने
करने के
दे ते हु ए 1903
भी
का
हु कूमत का
आनंद मठ छपा था,
लन को
भी बंद
आ गया। 1799
का शंखनाद कर
नामक
सरकार ने उसे
के
थे।
बंबई से
के नाम से
खाँ ने मयामे
नाम से एक
थी।
कंपनी के
अखबार को सरकार को
गाँधी ने भी
माना
बड़ी
तथा 1790
गया। इस तरह
चार भाषाओं को
का
-
जाता है । यह
कालांतर
इन
नाम रखा गया। इस
बोस ने एडवांस का
के
ने
1556
को जेल जाना पड़ा और उनका
ने बंग
वंदेमातरम ् गीत था। इसी दौर
न, लाहौर से
शालाएँ
इसपर भी मुकदमा चलाया गया। 1826
हु आ। 1872
के
छापाखाना गोवा
को
(1857) के पहले से
रखा।
यह संवाददाता का काम है ।
ऑफ
के
को बंद करा
कंपनी ने भी इस
बंगाल गज़ट को भारत का पहला समाचार
गज़ट के नाम से भी
हु आ।
वाकयानवीस कहा जाता
से
के
का
नवजीवन
सामािजक
से आवाज़ उठायी।
भी
ने
Page 8
School of Distance Education
केरल
ता का
से केरल
तथा मलयालम
पर
है । कृ पया वह
के
5)
के
पहला
पं.युगल
?
इसी
30 मई को
सन ् 1826 का
का
को है ।
से
पर
राजा राम मोहन राय के
जगत
सुधाकर, समाचार
ण, भारत
का बनारस अखबार 1845
समाचार
के
म
.
करने के
थी।
हु आ था। इस दौर का
ख
से
हु आ। पहले इसको
वचन सुधा,
1874
मैगज़ीन ने
छोटू लाल
को
रहा।
सन ्1900
समालोचक (
रचनाएँ
रचनाओं को
Journalism and Mass Communication
), दे वनागर,
दे ने
(
के संपादक थे
ने
के
। 1873
था। 1877
से
, 1879
, 1883
कानपूर
मदन मोहन मालवीय का
-
हु आ। इसके
के
होने
घटना है ।
सामािजक-
-
है । युगीन
का
का
का भारत
, 1885
इन
का
ले
इसके बाद
खाँ का पयामे
को भी नयी
का
करने का
चेतना को
तथा उनका 1880 का
का
दे ती है । इसका
तथा
1874
यन के
इस
का उदय एक
करने के साथ
का सार सुधा
भाषाई
का
के नेता
, 1878
से
से
का
– बनारस अखबार,
को
समाचार सुधा
था
हु आ।
को
-
काशन हु आ।
षी,
छपती थीं।
का उदय
। यह 1857
बंगदूत का
,
जाती है । 1854
दे श-
करा
कतार दे ख सकते ।
-बंगला भाषा
सेन।
1827 को
से 1820-21
, सार
है ।
से हु आ था। इसे
के दबाव ने इसे 4
एक
-
के आरं भ का
भाषा के
से महावीर
द
–
(
और
),
तथा
को भी
ने
दे ना
भी इसका
नंदन
),
, आज,
Page 9
School of Distance Education
,
, महारथी,
,
हँस,
भी
भारत
भारत
कर सकते।
, आलोचना,
अमृत, समालोचना,
यह
आरं भ
के
भी
के
से
इसी परं परा को आगे बढ़ाने
हु आ था। डॉ.हे रमन गु
था। बाद
र
-
को
शती के
को भी
(1884),
से 1867
इसका
1904
मलयाळम
,
हु आ। 1937
का
,
, नटरं ग,
का
का
- 1847 के
का
हु आ है।
रहा।
को
था। केरल
से आरं भ होता है।
ने इसका संपादन
से जुड़ी
दे ना
1864
तथा 1870
था।
, 1887
से
से
से केरळ पताका का
मलयाळम ्
– केरल
-
कवनोदयम ्(1896),
का नींव इसी ने
ई.वी.
जगत
, बालरमा,
थी। इसके संपादक वरगीस
ने ले
के संपादन
मनोरमा ने अनेक
Journalism and Mass Communication
1928
,द
थे,
यह मनोरमा
26
का
मलयाळ मनोरमा
दे कर कदम बढ़ाए , िज
, मनोरमा
।
-
(1898),
मलयाळ मनोरमा का अपना
1890
के
और
(1881), केरल
(1906), मंगलोदयम ्(1908)
-जगत
से
, 1848
दे ख सकती है ।
जनरं िजनी(1890),
था।
भी दे खने को
इसका
दशक तक आते आते मलयाळम
गया। ऐसी
(1899),
केरल
दे ने
(1887),
मलयाळम ्
इन नया
, 1866 का केरळम ्, 1876 का
।
हु आ।
होती
,
का
एवं 1864 का
माना जाता है । इसके बाद
से
का अनुवाद इसका
मत
मलयाळम प
कदर तक
भारत, भाषा, आजकल,
,
के
है । वह
से 1847
है ।
से लगातार
,
?
मलयाळम
यह
समाचार
, गगनांचल,
आये ईसाई
को
युग
, अनुवाद,
पर
का नाम
करने का
का
,
मलयाळम
पहले
और
, मतवाला, सुधा, चाँद,
,
भारतीय
,
बहु वचन
केरल
के
-
गणना
6)
, संसार,
है ।
के बाद
भी हु आ।
- भाषा
Page 10
School of Distance Education
बीसवीं
शती
-
(1906),
(मलबार- 1907),
(1915),
(1918),
रा
,
सभी कला,
इन
भरने वाले
थे।
भारत
त
1973
रा
थी। पर
ने 1934
ने
से मंगलम ्
केरल
केरल
का
आरं भ हु आ।
भी
उदय हु आ। आरं भ
। धीरे -धीरे
केरल से
केरल से
यह
के
और
लेख,
और
Journalism and Mass Communication
बड़ी
से 1987
है । 1916
के साथ
भारत
1923
का
के कारण केरल
से
से
एक
आ
अनुभाग
गाँधीजी के
के
हु आ। केरल के अनेक
इस
घटना है ।
और
का संपादन
इसके अलावा
से आज भी
को
ने
का आरं भ हु आ। इसी को लेकर 1922
के
,
का
, सी.पी.ऐ के जनयुगम ्(1953),
ने
का एक लंबा
चार-पाँच
एक
-
,
तुले गये।
था।
आ गई।
जी.नीलकंठन नायर था। 1941
मलयाळम
य मापदं ड
बनी। तो
का
,
ये
?
रहे ।
नामक
एवं
का
धारा
पर
के
भारत
चाह भी इन
, अल ्-अमीन, मलयाळ
र काल
भारतीय जनता
,
साधन
जातीय और
और उससे 1969
तथा को
7)
,
है ।
समािजक-
के
और मनोरं जन के
दे खने को
आते
ने
,
,
(1904),
– 1911),
(1932)
-
,
),
(
(1923),
लाने
–
मलयाळी(
अनेक
, पर
होते
के
रचनाएँ
का
है । इसका संपादक
.
कर उसी
के संपादक केरल के
ऐसा एक
एवं लेखन
से
है ।
के संपादक के. दामोदरन मेनोन थे। केरल के
रखकर
सभा,
से केरल
हु आ था।
यह
के
Page 11
School of Distance Education
काल
अनेक
पाल
सामने आयीं।
ट से
- ललकार,
इसके संपादक थे
से
का केरल
के.वासुदेवन
वासुदेवन
लेखक थे। इस
के साथ साथ
गया। केरल के
का पहला अंक 15
से
बात यह है
एक
कुछ
से
,
संवेदना तथा
कॉलेज,
का
युग
से
के
बनाया।
Journalism and Mass Communication
के
से
भारत
गयी थीं।
से अपना
से
सभा
केरल
है ।
अनेक
है । ऐसी
–
केरल शाखा से
के
से
मंडल,
शोध
आरं भ
बड़ी
शोध
से
कॉलेज,
केरल
है ।
अंत भी
केरल
समाज के हर पहलुओं पर अपनी पैनी
के
के
केवल
दे ती आ
,
एक
.एम.वी
भारत के पाठ
नवीनतम
को भी
होता था। केरल
का उदय हु आ, बहु त
भारत
समय
पर
से इसका संपादन करते रहे । इसका
का भी योगदान
जो केरल
तथा
कंपनी,
था। इसका
का कई
सभा
है।
हु आ।
भारत
समय तक
से हु आ है ।
मंडल
है ।
से
के
भाषाओं के साथ
एम.ई.एस.
रचनाएँ
सभा के
को
िजतनी भी
केरल
केरल
शती
केरल
को
,
केरल भारती, 1965
थी अनुशीलन। केरल
के
गयी। खासकर मलयालम और
तथा
-
एरणाकुलम से
1957
के
बीसवीं शती
तक अपनी झंड़ा फैलाई है ।
केरल
। इसका
रहे थे। बाद
के
करना था।
थी।
होती
1950
सेवी पी.नारायण, जो ‘नरन’
1956
का होने का गौरव भी
और
और
...
1953
भारतीय भाषाओं को भी
ऒर से बहु त लंबे समय तक
हो
से),
(
है तथा उनके साथी एम.एन. राजन।
होती थीं।
पर
ने
ललकार के संपादक थे केरल के
उपनाम से
ज़ोर
छपाई
भी दे खने को
है ।
और
Page 12
School of Distance Education
के
1)
के
(Types) पर
केवल
आज़ाद कराया जाए और
के
भी तेज़ी से
और
आई।
के
का
भर
से
समाचार
, खोजी
, फोटो
है ।
से जो
कहा जाता है ।
के साथ
का
,
का
नेताओं,
बीसवीं शती से
या
चाहने
है –
समाचार
लाने
के
ऐसी
लगी है ।
घटना
बन गई है । कई
शासन
,
और
और
Journalism and Mass Communication
के
माना जाता है ।
खोजी
गए
है –
उस
को होनी
खोजी
गलत
को खोजी
है ।
खोजी
और लोक
के सामने खोजी
सामने आया
अंग बताए थे।
न हो। ये
के कथनानुसार खोजी
इसी कारण नई
खोजी
पर बैठे
के दो
से अलग कर दे ती ।
हो या
है । ऐसी
भी बढ़ गया। अब
को उजागर करने
ने खोजी
समाज के
का
वॉटरगेट कांड का
खोजी
या
तथा यह पहले
पड़े। इस
तथा
के कई
, खेल
समाज के सामने उजागर करना
,
करना ।
सबसे बड़ा
,
के
के साथ
कहते ?
को अब खोजी
इसी के साथ
एक
भी बढ़े ।
भारतीय
,
से खोजी
एक
और
,
,
खोजी (Investigative)
था।
के बाद दे श
,
,
लायी जाती
के
दे श को
के
, खेल,
,
-
,
यह था
जाए।
,
काओं के
से
, बाल
थी। उसका
अनेक बदलाव आए।
हु ए। इसके कारण
हु ए।
2)
पर
को इस हे तु जागृत
उनके
सामािजक और
MODULE – ll
का
को
को
है चाहे वह
के
के कारण अपने पद छोडना
पर अंकुश लगा दे ता है। बहु त सारे समाचार
को अपना समाचार
बनाए रखे हु ए
Page 13
School of Distance Education
3)
दे श
एवं
जनता
करना
या
आशा-
,
का
पशुपालन, बीज, खाद,
माना जाएगा। भारत एक
गज़ट’ नाम से
पहला
है । 1914
है । इसके बाद भारतीय तथा
‘
1918
होता है । फसल
4)
एक
एवं गाँव
को
दे ना
पर
,
,
को
,
मीण
रहते
को
का
-सुधार’ भारत का पहला
अनेक
,
से
के बारे
हु ए। इस
‘
,
के
लोग
-
गज़ट’ ।
, पशु-पालन
समाचार
-
छपीं।
-
’ तथा ‘
‘
, बाज़ार-भाव,
का
भाषा
-
’, 1940
रसायन,
दे श है ।
आगरा से
भाषा
को
है । अतः िजन समाचार
, पंचायती राज,
‘
1743
पर
(Rural and Agricultural)
के
का
छपते
है ।
इन
(Parliamentary)
संसद तथा
दे श तथा
मंडल के
का
है । संसद तथा
का
है। इससे संब
है ।
को
के
, सामािजक
जाते
से दूर
पर
भारतीय
पीत
पीला शुभ,
मनगढ़त,
, मंगल का
होना
है ।
है
-कलाप है । इस
,
एवं
जनता
के समय
पीत ( Yellow Journalism)
5)
करना
को जनता तक पहु ँ चाना
तथा
गुण है ।
से
को
करने
को पीत
रहती है ।
और सावधानी
सभी
कुकृ
पी
के
से
के
पीला
कहते
( Economical)
6)
है ।
से
को उजागर करने के
बाज़ार, पूँजी बाजार,
समाचार आज
के
भारत और
का
योजना,
जा
से
है ।
र पर दे खे तो एक बात
Journalism and Mass Communication
हु आ है ।
,
,
जनता तक पहु ँ चते ।
होती है
के आदान-
, बजट और
के
हो
आय के
-जगत के
के
का उपयोग
Page 14
School of Distance Education
होता था। 1886
से
और
का
और 1928
सबसे पहले
के
के
ने अपने
सभी
के
उन
हु आ तो 1910
सूचना दे ना
को
के कारण
ने
से
है ।
के
खेल
और आज यह इतनी
के साथ जुड़ा है ।
हो
जाता है । जनसंचार के दूसरे
आज कई
इसका अंत भी हो गये थे। ऐसी
खेल युग तथा खेल
खेल हलचल
Journalism and Mass Communication
है
जैसे,
हो
है ।
सामािजक
हु ए।
इस अखबार
और
है । इससे
है
पर पड़ने वाले
को
का
को आधार बनाया
हु ई है ।
गत दो-तीन
से
से
है ।
कहा जाता है ।
से अनेक उपयोगी
का
है ।
और
साधरण जनता
रह जाती है ।
का
बहु त पीछे है । इसका
खेल
लगभग सभी समाचार
यो,
से केवल
1971
। इंदौर से
दे ने
का
बनाने
यह आज भी
पर
उस
को
को है ।
–
करने का
जाता है ।
के
संभव है ।
खेल (Sports)
हु ए पहले
पूरे
तथा उसे सामािजक
जगत
के
दे श के अनेक
और सूचना का
का यह
से
छपने वाले भाव और
का आयोजन
मानव
था,
था।
के
है । इसके
के
और उससे जुडे दूसरे
पर
को एक
ऑफ
इस बात का सूचक है
के
जाता है और आने वाले समय के
के
खेल
के
खुला है
(Educational)
और
फैल
जनरल
करना पड़ता है ।
एन.सी.ई.आर.
माना जाता है ।
के
दे ने का
ने
गज़ट अथवा
जाता है । इसी
8)
को
के
इस
के
था। बंबई जब
भी छापे जाते थे।
7)
का बड़ा
, 1943
इस अखबार का
है तो
को इस
भारतीय
पर भी खेल का
पर
वीक, 1972
तथा
1951
नई
1960 के बाद
खेल पर एक पूरा पेज
। पर बहु त
है ।
इंदौर से
Page 15
School of Distance Education
खेल
के
जाता है ।
के बराबर है ।
खेल
संवाददाता रखे जाने लगे
का
अलग।
करती है ।
9) बाल (child)
और
कहते ?
-युग से
करती ।
जीवन पग-पग पर
है
हलचल
और लेखन को
को
के माधयम से
आज समाज इससे
युगछाया और
है ।
रहे
तथा 1948
Journalism and Mass Communication
जनता तक पहु ँ च सकते । इसके
के
,
। भारत
और सरगम
,
,
है ।
और सामािजक
के
अनेक
-भारती
के
,
का
योगदान
के
का अपना
,
तक पहु ँ चा
है । इसके अलावा
,
और
कला कहा गया है । जनसंचार
के
से इसने
अनुसंधआन तथा
-
कहते ?
होता है।
से
करने के
नाम का
-जगत,
–
,
को सरल, सुबोध ढ़ं ग से
ने
अलग एवं
जाती है । यह
साज-
रखी है ।
-
को
बाल
, चंदामामा,
हो रहा है ।
के
के
ना को
करने
को बीसवीं
भी खेल
और
जा रहा है ।
(Film)
लेख
,
अलग, फुटबॉल के
,
,
-
को
खेल
,
रं ग-
कला,
,
के
-
-
-
11)
जैसे
समय
है । इस
से
िजन
इसका आरं भ माना जाता है ।
कहते ?
(science)
के
को
रखकर उसके अनुकूल
कथाओं को छापने
,
जगत ्
को
ये
को
व
अलग,
, बालसखा, बालक,
होने के कारण सीधे
10)
के
है ।
, पराग, रानी
,
इतना हो चुका है
बाल मन
का तो खेल
है । जनसंचार
होती
जैसे,
बाल-
,
या गया है । दे शी
का
का
ता
बाल
काल
कर
जनसंचार
करते ,
के
को
दे ख सकते ।
सबसे
एवं
और
पर
है । 1947
Page 16
School of Distance Education
, आसपास,
समाचार, कलाकारको पढ़ने
,
समय
तुलना
दे खा-दे खी बात को
बन गयी है ।
,
के
13)
है । यह
भाषा बोलते
, लेख,
, दे खा-दे खी बात।
तथा रं ग-
और
मानते
युग
का
के
का
करते
माँग है । इसका
युग
है ।
-
से 1943
हन से हु आ।
से 1928
,
से
, 1951
1953
के
,
...
14)
कहते ?
(E-journalism)
और
,
के अंतर आ जाती । यह
एक खास कारण यह है
बहु त समय लेते
से दे ख या
रहते
,
-
) के
से आरं भ हु ई। अनेक
,
अंक
कहते ?
(मैनेिजंग
बंबई से
-
सभी
से जन साधारण तक पहू ँचता है । भारत दे श
- 1910
फोटो अपने
तुरंत जनता पर पड़ता है
को अधूरा समझा जाता है ।
-
हु ए।
ऐसी
सभी कुछ । कबीर ने कहा है –
का
-
होते
दे ता है। इसे छाया
सभी को
(Business- Commercial)
-
हो
है ।
कहते ?
ये सदै व
प
,
गीत एवं
अनेक
का
,
बात
भाषा
भी
(Photo graph) कहते
,
,
-
12) फोटो (Photo)
समाचार,
फेयर,
,
के सामने समाचार
यह
,
को
, लेखन एवं वाचन
सफलता पाई जा सकती है ।
डाला है । वह
समाचार
से सुन सकता है । आकाशवाणी या
समी
से िजतनी भी सा
भी है
से
को
के वे
वह सब
पीछे छोड़ दे ती है । इसका
बहु त कम
तक पहू ँच पाते
त घटनाओं को उसी पल
समाचार
-संवाद, समाचार-वाचन एवं
,
के
गया है ।
तथा
,
और ई-
समाचार
, समाचार-
और
पर आगे
के
ज़न
से
-
Journalism and Mass Communication
Page 17
School of Distance Education
MODULE – lll
1. जन-संचार (Mass Communication)
अपनी
संसार
होती है । ये सब
के सभी
के
के आरं भ काल से
भारत
तथा जीव–
कहते ?
के
के अपने तौर
को
, संगीत, अंग-
,
जन-संचार (Mass Communication)
कर रहे
का
दे खा
2. जन-संचार
अवधारणा
, समाचार
तथा
घटना हमारे
करने के
के
पुरानी है । भारत
संजय का काम
आज
संचार
दे ख सकते
:,
के साथ संचार
संचार
का बड़ी तेज़ी से
के कारण कुछ
जनसंचार
हु आ।
संदेश को जन-समुदाय तक
के
कर दे ती है ।
जन-संचार
,
आ जाती है । मनोरं जन के साथ साथ यह
म
हमारे सामने
,
तक
होते
आज के संवाददाता का
को दे ता है ।
(Media) पर
पशु-
,
न
नारद से भी पुराना माना जाता है । महाभारत के संजय
, जो
करते ।
होते
,
भी
को
से
पर
:Radio is a means of communication of unparalleled immediacy, intimacy and power,
information, education and of entertainment.
है । जनसंचार के इस
को
से
समाचार
3.
कह सकते
सकता वहाँ
यह
का
बार
ने
भारत
के
बहु त आसानी से पहु ँ च सकता है । इससे
के
पहला संदेश
आवाज़ सुनाई
से माना जाता है ।
1916
Journalism and Mass Communication
सन ् 1926 से
हु ए थे। 1926
से जुड़ जाते
के
पहला समाचार
से
पहु ँ च
लोग
-
था। वहाँ से
के
का
फैलता है । जहाँ
.डी.
ने
त मानते
थी। 1920 तक आते आते
होता है। बंबई,
भारत सरकार ने इस
ने 1895
1906
यह
भर
तथा
कंपनी को दे श
Page 18
School of Distance Education
करने के
बंबई
’
शाखा का
दूसरा
को अपने
इस
से
वायसराय
भी
ले
के
’ के
। 23 जुलाई 1927 को ‘
तथा ‘
गया। इस
हु आ। 1930
न
थे। 8 जून 1936
ने अपनी
’ नाम वायसराय का
, िजसे ‘आकाशवाणी’ नाम
कर
’
के उपयोग करने का आदे श एक
नाम ‘आकाशवाणी’ अपना
है । यह
का
वाक,
बनाये रखनी है ।
जीवन
सरल,
कारण
।
भाषा
रखना
का
होनी
न आने
करने के
भारतीय
संचार का
जन-
एवं
तथा
से
-
होती है ।
है ।
तीन तरह
और सुबोध होनी
से
है ।
भाषा
जाता है
तथा
उतार-चढ़ाव, सुर-तान तथा
करने
Journalism and Mass Communication
जा
है ।
के अनुकूल होनी
का चयन तथा
का
बोलचाल
भी
है । इस
सामने लाने
भाषा का
सहायता
सहायक होता है।
अपनी
और
और उलझते
के अनुकूल और
, सुबोध और छोटा होता है । दूर-दूर तक भारत के
बढ़ती
से बचना
,
सभी तरह के
भाषा है ।
सुननेवाले
तथा
भाषा
भाषा
को
एक
’ के
जोड़ता है । सन ्60 के आसपास
भाषा का चयन करना
भाषा जनसाधारण
से
हु आ। आज
जो आलेख तैयार
के
मैसूर
व और मौन( speech, Sound effect and silence).
भाषा सरल,
भाषा
यह ‘आल
ने आकाशवाणी
तभी ‘आल
,
अपनी एक
है
दे शी
सूचना एवं
के
, नाटक,
करता है ।
हु ए
गया।
से
को आपसी
अपनी
वे
के
‘आल
था। जब दे श आज़ाद हु ए तो इसे ‘आल
अकाशवाणी का
भारतीय संगीत,
भाषा से
का
के
गया। 1957
’
’ का
1935
सेवा के
’ के नाम से पुकारा।
इसे ‘आल
द नेचरु ल
हु आ है । इसके
उसी
भारत सरकार ने
‘
हु आ।
ने
भाव से
होता है ।
तथा सुलभता के
Page 19
School of Distance Education
पर
4.
आ
संचार
सबसे
कहने से कोई
मनोरं जन के
’
िजसका
है ‘
दूर-
पर’ और
गया है ‘दूरका
होगी।
डॉ.
ऐसे
के
और
एवं
‘
को
5.
एक साथ
का
के
होता है ।
गया एक
’ का अ
है । ‘
है ‘दे खना’। इस
जे.एल
हु आ।
से एक
और
है ,
’
से
कर
था। सन ् 1937
सन ्1936
-
हु आ।
इस
का
होती गयी।
15
1976 से
इसका योगदान
का
ने 1925
यह 1941 से दे ख सकता है । सन ् 1943
आ गया। आज इसके अनेक चैनल
पर
है । इसे
’।
.वी
के
का
है ।
करना आरं भ
के
सुन सकता है तो
भाषा से
से रं गीन
भारत
है । जन संचार
है । यह जनसंचार का नवीनतम
न
साथ सुन और दे ख सकते
‘
:-
दूर-
है ।
के बी.बी.सी ने
1959 को दे श के
नाम से
न का भी
करता है जो सूचना परक होता है साथ
और जो
ने
के साथ मनोरं जन भी
करके
है ।
साथ मनोरं जक ढ़ं ग से जन-
कर सके।
:एक
‘
है ‘
का
के
एज़’ (Advertising Age)
यह
कहा गया है
- ‘Advertising is the dissemination of information concerning an idea, service or
product to compel action in accordance with the interest of the advertisers.’
के
‘Advertising’
होता है । यह
के ‘advertere.’ से
बना है , िजसका
को
आज
अथवा सेवा
होता है। इन
हो जाता है ।
ऒर
Journalism and Mass Communication
जाता है ।
के कारण
सहारा है ।
पर
होना’।
,
होती है िजधर मन
,
जन
का
दन बड़ी
,
...
एवं उपयोगी
होता है और
के
हो रहा है । इसके
अनेक
होता है ।
के
से
छपे
Page 20
School of Distance Education
’ के अनुसार
‘
चुका कर
गयी घोषणा
के
है । 1932
अथवा
सेवा के
हेतु
‘एडवरटाइिज़ंग एज़’ से
एक
से
गई- ‘Advertising is the printed, written,
spoken or pictured representation of a person, product, service or movement openly sponsored
by the advertiser and at his expense for the purpose of influencing sales, use, vote or
endorsement. ’
6. समाचार
का संचार
है ?
समाचार
ट
अंग बन चुका है । यह समाज के
के
,
समाचार
माने
है , जनता
ई-लाईफ का
अब ई-युग
हो
, ई-मेल,
,
के
के कोने कोने
है
, ई-
के
का सबसे बड़ा
के फैलाव के कारण
इन पर समाचार और उसके अलावा तरह तरह
भाषाओं का
8.
होने के कारण यह
बढ़ाने
के
1.
2.
और
3. समाचार
4.
संचार
और
और
Journalism and Mass Communication
बड़ी
है ।
तक
का
और
हो जाता है ।
भी होती आ
यन
का अंतर
के कारण
,
है ।
,
के कारण मानव-जीवन
दे ती है ।
एक हद तक
तुलना
को
दे न
एवं इंटरनेट के
के साथ
करना
है तथा
, ई-एजुकेशन, ई-
,
आये
होते । गाँधीजी ने
-
संचार के
फैला हु आ है ।
बदलाव आ रहा है ।
पर
है । संचार के
,
सूचना
को समझना और
करना दूसरा
है । ई-
पाठक
से
,
है ।
जीवन का
सहायता से
जनता
...
,
है
-
कहते ?
ई-
आता है। यह
भावनाओं को
करना तीसरा
7. ई-
के
एक ऐसा
-पतन तथा
के तीन
पहला
या
है । यह
के
तेज़ी से
ट
है ।
आकार लेने लगी
एक
युग
यह
:-
::को
:-
Page 21
School of Distance Education
समाचार
1.
हु आ है , िजसका
जो
MODULE - lV
कहते ?
युग
-सूचनाओं का युग है । ‘समाचार’
आचरण करना’ या ‘
‘
भाव से
का
‘समाचार’
सूचना’।
इसके
‘खबर’
समाचार के
के
‘
‘
का
’
है - ‘खबर’ यानी ‘
का
होता है । इसके
अपने
जाता है ।
चार
West(
), S-south(
ऒर
,
िजसके बारे
सूचना।”
,
समाचार
)।
दे कर उसके
के अनुसार- ‘समाचार
या
लोग पहले से कुछ न जानते हो
नवीनता
घटना का,
होती है , जो इस
इन
घटना
केवल
कई
होते
का
दे ने
को
से यह
है वहाँ नवीनता
तथा
Journalism and Mass Communication
का
’
), E- East(
), W,
-
:से
बात
हो।’
को
सूचना है
हो।’
होती है वह समाचार है ।
के अनुसार- ‘वह
राव ने समाचार
के.पी.नारायणन के अनुसार- ‘समाचार
होता है । िजससे समाचार
करता है ।’
हो जाता है
समाचार एक
करते
ये
या सनसनी उसका
समाचार का आधार होता है । समाचार के
होती है। इन
NEWS का
-
िजस
ता और नवीनता - समाचार
भी
है –
से यह NEWS
अनोखी या साधारण घटना
समाचार को
है और कुछ
जैसे – N- North(
हो।’ एम.लाइल
मानते
होने वाले
का
थे। आज ‘
पर
समाचार वह है
घटना या
’ या ‘मालूम होना’।
है । 1550 से
भी
तुरंत जानने
के अनुसार- ‘अनेक
.
का
जाता है ।
के सूचक
घटनाएँ समाचार या
2. समाचार
है – ‘
, आगे बढ़ना,चलना, हाल-चाल, कुशल- म,
NEWIS NEWYES तथा TYDING का
से बना है, जो चार
घटना
‘समाचार’
,
’(NEWS)
एवं
आचरण के आधार पर
होता है । आकाशवाणी से
सूचना, ताज़ी घटना
‘
भी
होता है । इसका
“समाचार, खबर, संवाद, नव-सूचना, संदेश,
समाचार
बताना’ होता है ।
जाती है , वह समाचार कहलाती है ।
का
’
‘सम ्-आ-चर्+घञ ्’ से
के
से
समाचार
तथा
धारणा है ।
–
जहाँ
है।
होता है ।
Page 22
School of Distance Education
– समाचार
कम होगा उसका
या छापे जाने तथा घटना के
उतना
होगा। कहने का
समाचार को ताज़ा बनाए रखती है ।
उसका आकार तय होगा।
– समाचार के
आधार पर समाचार के दो
समाचार (Spread News)।
अनोखापन – जो घटना
उसका भी समाचार
– िजस
बड़ा
दे खे जा सकते
होना
लाने वाला हो तो उसका
–
हो या
इस
प
, रोचक,
रखकर कहा है - ‘
होता है ।
कह सकते
को
3. समाचार लेखन
समाचार
और
समाचार
का पहला
जनता
कहते ?
करना
जाता है । समाचार को
है ।
समाचार लेखन
(paragraph)
introduction कहते
सबसे
समाचार का सार
इसका
घटना से होने वाला
भी
होगा।
के
लोग है रत
पड़ जाएँ,
भी
नवीन घटनाओं का
है , जो
गांधी ने समाचार
जनता
,
वांछनीय भावनाओं को
रखने के
इस आधार पर
होगा
करना है ।’
लेखन भी
सूचना
समाचार( Spot News) और
पर वह
तथा बदलाव का सूचक है ।
करना है । दूसरा
है ।
हो, िजसे सुनते या पढ़ते
का समाचार है और िजस
होती है ।
घटना
होता है । घटना बड़ी या
घटना या कथन का
भी
समाचार
यह है
– घटना के आकार पर समाचार का
आकार तथा
समाचार का
होने के बीच समय का अंतर िजतना
है । लेखन
के
को
को समझना और
करना है । तीसरा
है । इसी के साथ
को
साथ उस
त
करता है तो
उसके लेखन, चयन और संपादन
उसके
है । समाचार के पहले
होता है । इसे समाचार का आमुख कहते ।
है intro। अतः
टै म
यह आया था
इसे
- lead-first
paragraph of a news story; giving a summary of the entire story. आमुख
हो जाता है ।
हो सकती है ।
Journalism and Mass Communication
पूरे समाचार का सारांश आ जाना
है । तभी समाचार
Page 23
School of Distance Education
4. संपादक(Editor)
कहते ?
संपादक वह सचेत
करता है । इस
अंग-
के
एवं
सन ् 1867 . के
है उसका
है जो
ख अवयव -
के
के संचालन,
, संवाददाता,
ये
का संवाहक होता है ।
ऑफ
करने वाला
को संपादन कहा जाता है ।
संपादक है जो
संपादक जन-चेतना, जन-
कार
और
का
समाचार का चयन उपसंपादक का
के आधार पर
को भी
को
चयन
रखना
होता है ।
है ।
के
का चयन करता है । समाचार
दे ना
समाचार
समाचार
होना
को
आरं भ करने से
होने के
और
इन
को चुन लेना
इस
6.
को चुनने के
(Editing) पर
समाचार चयन के बाद संपादन
समाचार के
संपादन करना पड़ता है ।
–
,
और
है ।
के
को
,
और
है ।
समाचार
,
Journalism and Mass Communication
का
के
, आकारको
इन तीन
रखकर
तरह पढ़ लेना
से
का कोई अंश हो।
है।
का संपादन-
का
है ।
रखकर समय से होड़ लगाते हु ए समाचार का
साज-
होता है । लोक-
लेख,
या नवीन होना
करना है ।
और समय।
रखने के
से
को
भी समाचार का संपादन करते समय तीन
को
करने
का चयन करना है । जो समाचार पुराने हो
, साहस और
:-
और
-लेखन (make up of an editorial page) कैसे तैयार
7.
है ।
बड़े
के
के
से
समाचार का चयन करते समय पहले समाचार का
को
घटना के
के
जो कुछ छपता
रखकर समाचार चयन करना
को उस
छोड़ दे ना
है , जो
के साथ
को
बढ़ने वाले अनेकानेक
पहले उन
संपादक
का संपादन-संचालन करने वाला
5. समाचार का चयन ( Selection) कैसे करता है ?
त
, समालोचक, उपसंपादक,
के अनुसार समाचार
संपादक कहलाता है ।
होता है । इस
एवं
,
, समाचार
पर
को
रखना
या जाता है
रखना परम
और जन-सेवा का सबल
, संपादक के नाम
,
Page 24
School of Distance Education
और
जैसे गंभीर से गंभीर
सरसता बनाए रखने के
इन सभी
-
का
है ।
के
और
और
,
से संपादक
णी रहती है ।
समाचार
का
होता है । संपादक समाचार
संवाददाता तथा
-संपादक
है ।
सहायक-संपादक
:
समाचार-संपादक
:
के
मददगार होता है ।
होता है । संपादक मंडल
उपसंपादक
संवाददाता :
एवं उसका
करता है ।
:
करना सहायक
संवाददाता समाचार
है ।
9. साँप के सपने दे खने
हांगकांग। चीन
एक
जानने के
इस आधार पर अदालत
है ।
तलाक का आवेदन
Journalism and Mass Communication
सहायक होना और
है ।
का संकलन करना
करते समय आने
ने इस आधार पर अदालत
ने
को संभालता है और उप-
अंग होता है ।
साँप के सपने दे खने
लगातार साँप के सपने दे ख
साँप को दे खने के
एक
को तलाक दे ने के
से
इस केस
है । अदालत ने
के
करता है एवं
सहायता करता है ।
उपसंपादक का
का
यह संपादक के
का
छपे
उप-संपादक के
समाचार को
:
का
समाचार-संपादक के
जो समाचार-मेज़ पर
है ।
के
के सभी
:
पूरा
संवाददाता का
करता है।
-संपादक,
सहायता करता है ।
के
समाचार-संपादक समाचार
:
का
सहायक
भी
करता है साथ
उपसंपादक
का
और
के आकार-
उपसंपादक, सहायक
-संपादक संपादक को उसके
एवं
सहायक-समाचार-संपादक
के बीच
,
का संगठन समाचार
होते
:
होता है
,
जाते
:-
सहायक-संपादक, समाचार-संपादक, सहायक-समाचार-संपादक,
उपसंपादक,
कर
इन गंभीर
होती
(Editorial board) पर
के
भी
,
8.
यह
के लेख होते
को
इस
एक समाचार लेखन
को तलाक
तलाक के
घटना हु ई थी।
आवेदन
ने बताया
लेने के
के
साँप
अगले
है
रोज़ सपने
का
केस रखा है ।
है ।
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School of Distance Education
10. भारतीय
(Indian Press Council)पर
सन ् 1956
भंग होने पर इस
ने
हो गई। 1962
के
होते
होता है ।
समाचार
पर
पुनः 1963
संपादक,
पर
का पहरे दार है ।
1. समाचार
,
के
का
करना
मानद
को बनाये
के
4.
करना।
समाचार
तथा
तथा
है तो उस मामले को
समाचार
करने को
समाचार
रहे गी।
,
का
8.
-
9.
अनुषंगी
के
सरकार
या समाचार
सरकार,
रखना। कोई मामला
7.
, समाचार
के समाचार
करना।
भारत के
6.
के समय
लोकसभा के
एकता
फेडरे शन ऑफ
लाया गया और 1965
, संसद,
,
यह
के
,
इसका
दे ती है । एक
करना।
एवं
कोई मामला
Journalism and Mass Communication
को
तथा
से यह
या
बढ़ाना।
को भेजे तो उसका
के
भावना बनी रहे ।
एवं जनसेवा
भावना बढ़ाने को
को
करने वाले
से सहायता
उठाये जाने पर
सरकार इस
सरकार के भारत
और समाचार
एवं
के
को
करना, उनके
सहायता दे ना।
और
सुलभता तथा
दे ने पर भी
या
करने
, समाचार
लगे
दे ना।
5.
और
अपना
को अपनी
के
2.
3. यह
श
गया। 1957
–
और समाचार
आचार
यह
जाँच-पड़ताल के
ये
के
चीनी
समझी।
-
हु आ।
:-
तथा
ने
पर
रखना।
सभी
के
करना और उस पर अपना
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School of Distance Education
11.
समाचार
(News Agencies) पर
समाचार
करती है । समाचार
अपने
को पहू ँचाना है ।
का
से समाचार
सन ् 1820
Papers) नामक
सन ् 1826
हु ई। इस
का
समाचार
युवक
नामक एक
करने
बीसवीं
, नेशनल
के
हावस ने
बंबई
नई
दे ना
समाचार
के बीच केबल-सेवा के
होकर यूनाइटे ड
बस और मोटोर
समाचार
लंदन
को
यूनाइटे ड
इंटरनाशनल (U.P.I) नाम
हु ई।
,
तथा
और आई.एन.ए (Indian
रायटर तथा ए.पी.आई के अनुबध
ं ने भारतीय
समाचार
इन
संभाला।
को
पर
से
दे ने के
समाचार, समाचार भारती
बाप और
लेखक के साथ हु ए
कर
तो समाचार जगत को इन
पी. .आई, यू.एन.आई के
गया।
, जनरल
1909
कर
कर
से
के
।
इसपर रायटर ने अ
, साथ
के
का गठन
लंदन
एक दूसरे
का
एक
से
लंदन-
यू.एन.आई( United News of India) ने यू.पी.आई का
इस
3.
है ।
के
, यूनाइटे ड
हो गयीं। 1915
-
हो चुका था।
(News Bureau)
तक आते अनेक
(United Press of India)
अपने
भी ऐसी
गई थी।
News Agency) नाम से एक समाचार
का
के साथ
(Association of Morning News
ए.पी.आई (Associated Press of India) साचार
शाखाएँ
दे श
तक पहू ँचा दे ती
गई। बाद
खोला। 1851
बड़ी
कर
को सूचनाएँ
सहायता से
पर समाचार
ऑफ
हु ई।
1905
2.
छोटे
तथा इंटरनाशनल
से नई स
1.
अपने
यस रायटर का नाम भी
समाचार
5.
याँ दूसरे
कर
के आधार पर
पर
घटनाओं के समाचार
दाता माना जाता है । 1848
रायल ए
1961
करतीं। यह
समाचार
संचार
सहका
:-
हु ई। इस
कराने के
यू.पी.आई
भी लगाये गए।
भी
पर एक
है ।
तैयार
(interview)
घटनाओं(current affairs) पर
कैसे तैयार
~~~~~~~~~~~~~~~
Journalism and Mass Communication
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MODEL QUESTION PAPER – 1
1.
SIXTH SEESTER U.G. DEGREE EXAMINATION, 2013
ELECTIVE COURSE IN HINDI - 1
JOURNALISM AND MASS COMMUNICATION
Maximum: 30 Weightage
Time: Three Hours
1 से 12 तक के सभी
के
:
1.
से
a) संसद को
2.
a)
4.
c)
से कौनसा
b)
5. ‘
a) वेद
c)
आयाम’-
b)
6. ए.पी.आई का पूरा नाम
a) Associated Press of Institute
Associated Policy of India
a)
8. केरल से
9.
10.
d)
c)
का
है
है
रचना है ?
b) Ancient Press of India c) Associated Press of India d)
d)
कौन सी है ?
c)
कहाँ से
d) जन-संचार को
c) मधु धवन d)
c)
b)
b)
गुण
कहाँ से होता है?
b)
a) भारत
a)
d)
c) मनोरं जकता d)
से बना है
a) जाइनल b)
’ का
का
c)
b) सरलता
’ ------
7. ‘
को
से कौनसा समाचार का
ता
‘
है -
’
b) समाचार को
a) समाचार
3.
‘
होती थी?
कब हु आ?
d)
सुधा
d)
a) 1826 b) 1814 c) 1923 d) 1926
11.बंगाल गजट कहाँ से
12.
a) बंबई b)
से दूर
a) पीत
है?
c)
पर
b) गूढ़
Journalism and Mass Communication
d) बनारस
को
c) खोजी
कहते ?
d)
(12×1/4 = 3
Weightage)
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2.
13 से 21 तक के सभी
13.
गाँधीजी
15.
पीत
14.
16.
17.
18.
पर
पर
पर
पाँच
के
23. समाचार
पर
25. खोजी
26. भारतीय
30.
:(9×1 = 9 Weightage)
:
:-
कहते ?
:-
और जनसंचार पर
दो
पर
:-
पर
29. मलयाळम
4.
है ?
पर
24.
28.
है ?
का
22.
27. केरल
कौन कौन ?
का
का
21.
3.
पर
?
पर
के
(5×2 = 10 Weightage)
दे कर उसके
:
31. बस
दस लोग घायल हु ए, एक
32. जनसंचार
कहते
1)
4)
5)
का
एक
पर
जनसंचार
:
2)
3)
:
कहते ?
मंडल के
समाचार
20.
कम
का नाम
फोटो
19.
के
– डॉ.
हु ई। इस घटना के आधार पर एक समाचार लेखन तैयार
का
(2×4 = 8 Weightage)
सहायक
आयाम – डॉ.
:
,
बुक
,
एवं जन-संचार
– डॉ.मधु धवन, बोध
– केरल
ए
– संजीव भानावत,
, वाराणासी।
, जयपुर।
अकादमी।
Journalism and Mass Communication
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